नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में गुरुवार को खेले गए एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के क्लासिफिकेशन मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व की पांचवें नंबर की टीम जर्मनी को 3-1 से पराजित किया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान प्राप्त किया, जो साल 1974 के उद्घाटन विश्व कप (जहां भारत चौथे स्थान पर रहा था) के बाद से इस प्रतियोगिता में टीम का अब तक का सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
मुकाबले के पहले 30 मिनट में दोनों ही टीमों ने बेहद सतर्क शुरुआत की, जिससे पहला हाफ गोलरहित समाप्त हुआ। शुरुआती चरण में जर्मनी ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा। मैच के 11वें मिनट में जर्मनी की जोहाना हैचेनबर्ग ने रिवर्स हिट के जरिए गोल करने का प्रयास किया, जिसे भारतीय रक्षापंक्ति ने मुस्तैदी से विफल कर दिया। भारत ने 13वें मिनट में जवाबी हमला किया, जब शिल्पी डबास से मिली गेंद पर लालरेम्सियामी ने जर्मन 23-मीटर घेरे में नवनीत को पास देने का प्रयास किया, हालांकि यह तालमेल पूरा नहीं हो सका। 15वें मिनट में जर्मनी को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले; पहले प्रयास को गोलकीपर बिचू देवी ने रोका, जबकि दूसरे प्रयास में जर्मन टीम का वैरिएशन खराब तालमेल के चलते सीमा से बाहर चला गया।
दूसरे क्वार्टर में भारत को एक बेहतर अवसर मिला जब दीपिका के पास पर नवनीत ने लालरेम्सियामी के लिए मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट निशाने से चूक गया। जर्मनी को मिला एक और पेनल्टी कॉर्नर भी भारतीय डिफेंस के आगे निष्प्रभावी रहा। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। मैच के 43वें मिनट में नेहा से गेंद मिलने के बाद इशिका ने खुद जर्मन डिफेंस को भेदते हुए शानदार फिनिश के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इसके ठीक एक मिनट बाद, 44वें मिनट में भारत को मिले पेनल्टी कॉर्नर को नवनीत कौर ने जोरदार शॉट लगाकर गोल में बदल दिया और बढ़त 2-0 कर दी। भारत ने चौथे क्वार्टर में भी अपना दबदबा बनाए रखा। 47वें मिनट में सलीमा से बेसलाइन के पास मिली गेंद को नवनीत ने दो जर्मन डिफेंडरों को छकाते हुए नेट में डाल दिया, जिससे स्कोर 3-0 हो गया।
जर्मनी की ओर से 59वें मिनट में क्रिंग्स ने सांत्वना गोल दागकर स्कोर 3-1 किया। मैच समाप्त होने से 12 सेकंड पहले जर्मनी को एक अंतिम पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, जिसे भारतीय रक्षापंक्ति ने मजबूती से रोकते हुए जीत पक्की कर दी।
इस विश्व कप में भारत का अभियान 6 मैचों में 2 जीत, 3 ड्रॉ और 1 हार के साथ समाप्त हुआ। भारत को एकमात्र पराजय गत विजेता नीदरलैंड्स से मिली, जबकि टीम ने उच्च रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से मुकाबले ड्रॉ खेले तथा दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 की रिकॉर्ड जीत दर्ज की। टीम बेहद मामूली अंतर से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई थी, लेकिन पांचवें स्थान का यह ऐतिहासिक परिणाम अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स से पहले भारतीय दल के आत्मविश्वास को नई मजबूती देगा।