भारतीय रेलवे ने मंगलवार को उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले मुरादाबाद मंडल के बाकी बचे 712 रूट किलोमीटर क्षेत्र पर ‘कवच 4.0’ स्थापित करने के लिए 170 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग डिवीजन के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को स्वदेशी तकनीक से सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस खंड पर ‘कवच 4.0’ लागू होने से रेलगाड़ियों के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार होगा। पूर्णतः घरेलू स्तर पर निर्मित यह ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम परिचालन संबंधी जोखिमों को न्यूनतम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह व्यवस्था आपात स्थिति में स्वतः ब्रेक का प्रयोग करने, कठिन हालातों में ट्रेन की गति सीमा तय रखने, लाल सिग्नल की अनदेखी रोकने और आमने-सामने की टक्करों के खतरे को समाप्त करने का कार्य करती है।
प्रशासन के मुताबिक, यह कदम भारतीय रेल के उस निरंतर अभियान को गति देता है, जिसके तहत राष्ट्रीय नेटवर्क पर सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है और सुरक्षा प्रणालियों को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।
मंत्रालय द्वारा जुलाई में जारी सुरक्षा समीक्षा के अनुसार, नेटवर्क पर ट्रेन दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है। वर्ष 2014-15 में जहां 135 दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या सिमटकर 16 रह गई, जबकि चालू वर्ष में जून तक मात्र दो हादसे हुए हैं। इस दौरान प्रति मिलियन ट्रेन-किलोमीटर दुर्घटना सूचकांक 0.11 से घटकर 0.01 पर आ गया, जो कि करीब 91 फीसदी की शुद्ध गिरावट है।
रेलवे ने सुरक्षा मद में अपने निवेश को भी काफी बढ़ाया है, जो 2013-14 के 39,200 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 1,20,389 करोड़ रुपये हो गया है। तकनीक के मोर्चे पर अब तक 6,671 स्टेशनों पर सेंट्रलाइज्ड इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल इंटरलॉकिंग के साथ-साथ पूर्ण ट्रैक सर्किटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि 10,395 लेवल क्रॉसिंग फाटकों को इंटरलॉकिंग से लैस कर सुरक्षित बनाया गया है।