वैश्विक तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 473 अंक टूटा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे सैन्य तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के दबाव में मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 472.96 अंक (0.61 प्रतिशत) टूटकर 76,471.32 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 197.80 अंक (0.82 प्रतिशत) लुढ़ककर 23,858.00 अंक पर आ गया।
सत्र के दौरान घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा और लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। खासकर निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे तीव्र गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट का यह दायरा सिर्फ लार्जकैप तक सीमित न रहकर व्यापक बाजार तक फैला दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 725.80 अंक अथवा 1.15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और यह 62,608.70 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 199.85 अंक यानी 1.00 प्रतिशत फिसलकर 19,686.40 पर दर्ज किया गया। सेंसेक्स समूह के शेयरों में केवल सन फार्मा और अदाणी पोर्ट्स ही बढ़त हासिल करने में सफल रहे, जबकि इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, इंडिगो, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, बीईएल, एशियन पेंट्स, इटरनल, आईटीसी, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और टाइटन बिकवाली के दबाव में लाल निशान में रहे।
भारतीय बाजारों के अलावा अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में भी मंदी का रुख रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और बैंकॉक के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। इससे पूर्व मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी सुस्ती रही थी, जहां डाओ जोन्स 0.79 प्रतिशत तथा नैस्डैक 1.03 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ था।
वैश्विक और भारतीय बाजारों में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा छिड़ा सैन्य संघर्ष माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर कई हमले किए। इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां व सुविधाएं, माइन बिछाने की क्षमताएं और संचार केंद्र शामिल थे। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और इराक में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
पश्चिम एशिया में इस टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 4 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया।