‘जिसके हाथ में हल, वही देश का असली बल’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में की घोषणाएं;

‘जिसके हाथ में हल, वही देश का असली बल’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में की घोषणाएं;

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती एवं सहकारी किसान समागम में शिरकत करते हुए किसानों के हित में कई बड़े नीतिगत फैसलों और डिजिटल सेवाओं का ऐलान किया। हल षष्ठी के उपलक्ष्य में आयोजित इस राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पसीना बहाने वाला अन्नदाता ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और राज्य सरकार खेत से निर्यात तक किसान की हर आवश्यकता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कृषि ऋण प्रणाली को सुगम बनाते हुए मुख्यमंत्री ने शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना में बड़ा सुधार लागू किया। अब किसानों को छह-छह माह में खाते के नवीनीकरण और रबी-खरीफ की अलग-अलग अदायगी की मजबूरी से मुक्त कर दिया गया है; वे पूरे वर्ष में अपनी सुविधानुसार कभी भी ऋण चुकता कर सकेंगे। इसके साथ ही घर बैठे ऋण आवेदन हेतु ऑनलाइन केसीसी पोर्टल, जांच प्रक्रिया के चलते अटके किसानों को लाभान्वित करने के लिए ‘कृषक कवच योजना’ तथा ग्रामीण स्तर पर 200 नए पैक्स कार्यालयों व ग्वालियर में अपेक्स बैंक की नई संभागीय शाखा की विधिवत शुरुआत की गई। वित्तीय संकट से जूझ रहे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को भी शासन स्तर से मदद देने की घोषणा हुई।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के रोडमैप पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक कृषि के साथ-साथ एग्री-टेक, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी और पशुपालन को एकीकृत किया जा रहा है। राज्य को दुग्ध उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रत्येक विकासखंड में ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित किए जा रहे हैं, जबकि गौपालन हेतु 40 लाख रुपये के ऋण पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। चारे का अनुदान भी बढ़ाकर 40 रुपये प्रति पशु कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी कृषि भूमि न बेचने और आधुनिक तकनीक अपनाकर उद्यमी बनने का आग्रह किया।

ढांचागत विकास के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में रेल विकास के 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं, जबकि एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने आपात स्थिति के लिए निःशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा और सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों के लिए ‘राहवीर योजना’ (25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि) का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सिंचाई क्षेत्र को 60 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा और किसानों को दिन के समय भी समुचित बिजली दी जा रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-कोटा रेल संपर्क सुदृढ़ होने से क्षेत्रीय उपज को व्यापक बाजार मिलेगा। उन्होंने तकनीक के विस्तार और सम्मान निधि के लाभों को रेखांकित किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश शून्य ब्याज दर पर ऋण देने और जैविक खेती के रकबे में पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर कृषि, ऊर्जा एवं सामाजिक न्याय विभागों के मंत्री, क्षेत्रीय सांसद-विधायक और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित थे।

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