राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को देश भर में जारी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बीच जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने सभी देशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर एक विकसित एवं सर्वसमावेशी भारत के निर्माण में निरंतर योगदान देने की अपील की।
राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उनके उपदेश भारतीय सांस्कृतिक चेतना तथा दार्शनिक चिंतन के मूल आधार हैं। उन्होंने संपूर्ण मानवता को धर्म, सत्य, न्याय, दयालुता और निष्काम कर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया है, जो हर युग में प्रासंगिक है।
भगवद्गीता के संदर्भ में राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि गीता में दिए गए उपदेश विषम परिस्थितियों के दौरान उचित एवं विवेकशील निर्णय लेने की दिशा दिखाते हैं। यह पावन ग्रंथ व्यक्ति को विपरीत समय में भी अपने उच्च नैतिक आचरण और सिद्धांतों पर टिके रहने का संबल प्रदान करता है।
अंत में उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का यह उत्सव समाज में पारस्परिक सौहार्द, लोक-कल्याण और कर्तव्य-बोध को सशक्त करने की सीख देता है। इसी भावना के साथ राष्ट्रपति ने देश सहित संपूर्ण विश्व में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों के प्रति अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।