देश के प्रमुख वाणिज्य संस्थान श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने संस्थान की गौरवशाली यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके पूर्व छात्रों के नेटवर्क ने दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गहरी छाप छोड़ी है।
प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी की भाषा का उपयोग करते हुए पूर्व छात्रों को ‘ओजी’ यानी असली दिग्गज और अग्रणी बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का 100 वर्ष तक जीना गहन ज्ञान और अनुभव का परिचायक होता है, परंतु जब कोई संस्थान अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे करता है, तो वह उपलब्धियों का सागर बन जाता है। एसआरसीसी ने कई पीढ़ियों को गढ़ा है और उन्हें उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है। उन्होंने इस मील के पत्थर पर कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और पूर्व व वर्तमान छात्रों को बधाई दी।
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व नेता अरुण जेटली का स्मरण करते हुए साझा किया कि शायद ही ऐसी कोई बैठक रही हो जब उन्होंने एसआरसीसी से जुड़ी कोई याद न सुनाई हो, और वे कभी-कभी बार-बार वही किस्से सुनाते थे। उन्होंने बताया कि उनकी टीम के सदस्य संजीव सान्याल के साथ-साथ कई अन्य सहयोगी भी एसआरसीसी के पूर्व छात्र हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इस संस्थान की पहचान केवल अर्थशास्त्र तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यहां से निकले नेताओं, वकीलों, जजों और कलाकारों ने भी हर क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री ने उत्तरी दिल्ली स्थित कैंपस तक दिल्ली मेट्रो से सफर किया और इस दौरान यात्रियों तथा छात्रों के साथ संवाद भी किया। कॉलेज प्रशासन की ओर से 100 वर्ष की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री को एक स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।
एसआरसीसी का यह शताब्दी उत्सव शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर आयोजित हुआ। यह अवसर समाज के निर्माण और भावी पीढ़ियों के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों और शिक्षाविदों की अहम भूमिका के सम्मान को दर्शाता है।