जानिए देश में मौसम का हाल

जानिए देश में मौसम का हाल

देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार देर रात सिक्किम में हुए भारी भूस्खलन से दो नदियों का प्रवाह बाधित हो गया, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण व्यापक आबादी बाढ़ की समस्या से जूझ रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।

सिक्किम के नगा फॉरेस्ट परिक्षेत्र स्थित नगा-टोसा मार्ग की नई कटिंग पर शनिवार देर रात भूस्खलन की घटना सामने आई। यह हादसा थेंग टनल के सामने तीस्ता और च्याकोऊंग नदियों के संगम स्थल के समीप हुआ, जिसके चलते दोनों नदियों का स्वाभाविक बहाव अवरुद्ध हो गया और संबंधित क्षेत्र में भारी जलजमाव की स्थिति निर्मित हो गई।

बिहार के 18 जिले इस समय बाढ़ के प्रभाव में हैं। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को 50.57 मीटर तक पहुंच गया, जिसने वर्ष 2016 के 50.52 मीटर के दस साल पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रविवार, 6 सितंबर को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, निचले क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। राज्य के 11 जिलों की 330 ग्राम पंचायतों में करीब 19.57 लाख लोग जलभराव की चपेट में हैं। वहीं एक अन्य आकलन के तहत 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में लगभग 10.26 लाख नागरिक प्रभावित हैं। पिछले 24 घंटों में पुनपुन नदी का जलस्तर 28 सेंटीमीटर चढ़ा है, जबकि गंगा का जलस्तर रेलवे पुल तक पहुंच गया है और दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न है।

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रयागराज में प्रमुख घाटों के पानी में डूब जाने के कारण सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने की नौबत आ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को राज्य के 18 जनपदों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने निम्न दबाव के प्रभावी होने से प्रदेश में आगामी एक सप्ताह तक वर्षा का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश में लगातार वर्षा के चलते नर्मदा समेत तमाम प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके बाद बरगी, भदभदा और कलियासोत बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। राज्य में अब तक 30 इंच से अधिक औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि आज ग्वालियर-चंबल और सागर संभागों में सक्रिय मौसमी प्रणाली के चलते मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पहाड़ी और मैदानी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में सप्ताह भर बाद मौसम कुछ साफ हुआ है, हालांकि सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। शनिवार को देहरादून की नून नदी में एक महिंद्रा पिकअप बह गई, वहीं रामनगर के पंपापुरी में पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह के निकट एक विशाल वृक्ष मार्ग पर गिर पड़ा। हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड (57.5 मिमी), गुरुग्राम (51.5 मिमी) और पंचकूला (50.5 मिमी) में दो इंच से अधिक पानी बरसा है तथा सात जिलों में वर्षा के आसार हैं। पंजाब और चंडीगढ़ में वर्षा से उमस से राहत मिली है, जहां बठिंडा में सर्वाधिक 36.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में मानसून धीमा रहा, जहां सामान्य से 3 फीसदी कम बारिश के बीच लोरमी, दरीमा और कुमर्दा में 10-10 मिमी वर्षा आंकी गई।

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