ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम ठप, 1000 से अधिक उड़ानें रद्द; हीथ्रो सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर संचालन बाधित

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम ठप, 1000 से अधिक उड़ानें रद्द; हीथ्रो सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर संचालन बाधित

ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (एनएटीएस) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में मंगलवार को आई तकनीकी खराबी के चलते पूरे देश में हवाई यातायात बुरी तरह चरमरा गया, जिसके परिणामस्वरूप 1,000 से ज्यादा उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हीथ्रो, मैनचेस्टर और एडिनबर्ग जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों में लंबा विलंब दर्ज किया गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

एनएटीएस के अनुसार, समस्या का मुख्य कारण उड़ान प्रसंस्करण प्रणाली में आई एक तकनीकी रुकावट थी, जिसे दूर करने के लिए इंजीनियरों की टीम तुरंत तैनात की गई। बाद में संस्था ने पुष्टि की कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी कदम उठा लिए गए हैं और प्रणाली अब कार्यशील है। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया कि लंबित उड़ानों की भीड़ को व्यवस्थित करने और सामान्य आवाजाही बहाल करने में अनुमान से अधिक समय लग रहा है। एनएटीएस ने एक बयान में कहा कि तकनीकी खामी दूर कर ली गई है, सेवाएं सामान्य हैं और उड़ानों के कार्यक्रम को शीघ्र पटरी पर लाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वीडिश उड़ान ट्रैकिंग पोर्टल फ्लाइटरडार-24 के आंकड़ों के हवाले से स्थानीय मीडिया ने बताया कि मंगलवार रात तक ब्रिटेन भर में निरस्त उड़ानों की संख्या एक हजार को पार कर चुकी थी। इस तकनीकी अवरोध के कारण लंदन फ्लाइट इंफॉर्मेशन क्षेत्र से जुड़ी उड़ानों की आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ा, जिससे पूरे नेटवर्क में उड़ानों का क्रम बिगड़ गया और देरी बढ़ती चली गई।

देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे हीथ्रो एयरपोर्ट ने बताया कि वह एनएटीएस के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर पड़ने वाले प्रभाव को सीमित किया जा सके। इसके अलावा एडिनबर्ग, ल्यूटन, बर्मिंघम, ग्लासगो और एबरडीन हवाई अड्डों पर भी उड़ानों के रद्द होने और लंबे विलंब की सूचनाएं दर्ज की गईं। प्रमुख विमानन कंपनी ब्रिटिश एयरवेज ने भी स्वीकार किया कि राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तकनीकी बाधा के कारण उसकी सेवाएं प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित हुईं।

इस समस्या का दायरा केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देशों पर भी इसका असर पड़ा। आयरलैंड के डबलिन हवाई अड्डे ने पुष्टि की कि ब्रिटेन आने-जाने वाली उड़ानों में रुकावट आने से मुसाफिरों की यात्रा योजनाएं बाधित हुईं।

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