‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026’ में अपने संबोधन के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि फिनटेक के विस्तार ने भारत के विशाल और विविध नागरिक वर्ग को बेहद किफायती व त्वरित तरीके से औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गवर्नर ने विस्तार से बताया कि आधुनिक वित्तीय तकनीक के समावेशन से देश के वित्तीय तंत्र की परिचालन दक्षता काफी बेहतर हुई है। अब खाते खोलने और लेन-देन के निपटारे की समयसीमा में उल्लेखनीय गिरावट आई है, वहीं सेवा शुल्क और लेन-देन की लागत भी घटी है। इसके साथ ही, एआई-संचालित विश्लेषणात्मक प्रणालियों के प्रयोग से सुरक्षा तंत्र मजबूत हुआ है और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की त्वरित पहचान संभव हुई है।
तकनीक के प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ वित्तीय ढांचे की रियल-टाइम निगरानी को अमलीजामा पहनाया गया है, जिससे वित्तीय सेवाएं पहले से कहीं अधिक परिणामोन्मुख हुई हैं। विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर को ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में तकनीक का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ‘यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस’ (यूएलआई), अकाउंट एग्रीगेटर्स और कैश फ्लो आधारित ऋण तंत्र ने छोटे उद्योगों तक औपचारिक ऋण की आपूर्ति को तेज और प्रभावी बनाया है।
नियमन के संदर्भ में केंद्रीय बैंक का रुख स्पष्ट करते हुए मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई की नीति हमेशा नए विचारों और नए भागीदारों का स्वागत करने की रही है। बैंक ने इस क्षेत्र में स्व-नियमन की संस्कृति को प्रोत्साहित किया है और ऐसे मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया है जिस पर फिनटेक संस्थान नए समाधान विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि विश्वास वित्तीय तंत्र की रीढ़ है, इसलिए केंद्रीय बैंक भरोसे की रक्षा करते हुए जिम्मेदार नवाचार को गति दे रहा है।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन ने देश को तकनीकी नवाचार के शीर्ष पर पहुंचाने में मदद की है, और लगातार तीसरे वर्ष सम्मेलन में उनका आना तकनीकी विकास के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। वहीं, जीएफएफ 2026 के चेयर तथा इन्फोसिस के सह-संस्थापक व एक्सिलॉर वेंचर्स के चेयरमैन क्रिस गोपालकृष्णन के अनुसार, इस वैश्विक आयोजन में 1 लाख से ज्यादा प्रतिनिधियों के साथ 8,000 से अधिक संस्थानों, 1,200 से अधिक वक्ताओं और 500 से अधिक निवेशकों के जुटने की उम्मीद है।