चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के उपरांत आज, रविवार को स्वदेश रवाना हो गए। सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित आउटरीच सत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वक्तव्य सुना और तत्पश्चात अन्य वैश्विक नेताओं के साथ संयुक्त फोटो सत्र में सम्मिलित हुए।
सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को भारत पहुंचे राष्ट्रपति जिनपिंग ने सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस वार्ता के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों राष्ट्र परस्पर प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय सहयोगी साझेदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने सीमा संबंधी गतिरोध को सुलझाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता कायम रखने का आह्वान किया।
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में रेखांकित किया गया कि बीते दो वर्षों के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य दो बैठकें संपन्न हो चुकी हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन उच्चस्तरीय मुलाकातों ने द्विपक्षीय संबंधों को पुनः पटरी पर लाने और उन्हें अधिक सशक्त बनाने में अहम योगदान दिया है।
आधिकारिक वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया गया कि दोनों देशों के बीच औपचारिक व संस्थागत वार्ता का सिलसिला क्रमिक रूप से बहाल हो चुका है। पारस्परिक सहयोग के दायरे में निरंतर विस्तार हो रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण दोनों पक्षों के मध्य नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने यह दृष्टिकोण भी साझा किया कि यद्यपि भारत और चीन की आंतरिक परिस्थितियां भिन्न हैं, फिर भी दोनों राष्ट्र एक-दूसरे की क्षमताओं से लाभ उठाकर परस्पर सहयोग कर सकते हैं। साझा प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए राष्ट्रपति जिनपिंग ने विश्व के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त प्रयासों की अनिवार्यता को रेखांकित किया।