नई दिल्ली में शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने लाल सागर में उपजे गंभीर सुरक्षा संकट और सऊदी अरब के मक्का शहर पर किए गए ड्रोन हमले के प्रयास पर कड़ा एतराज जताया है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह के उकसावे वाले कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के व्यस्त व्यापारिक समुद्री गलियारे की आवाजाही को बाधित कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाक्षिक मीडिया ब्रीफिंग में देश का पक्ष रखते हुए इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अशांत क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में जल्द सुधार होगा और स्थायी शांति स्थापित की जा सकेगी।
प्रेस वार्ता में जायसवाल ने पूर्व बयानों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि भारत ने हमेशा से सऊदी अरब की सीमाओं की संप्रभुता, वहां की जनता और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाए जाने का सख्त विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मक्का जैसे धार्मिक महत्व के शहर के समीप हमला करने की कोशिश क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ती है और अंतरराष्ट्रीय नौवहन स्वतंत्रता को खतरे में डालती है। भारत के लिए इस प्रकार की गतिविधियां कई वजहों से बिल्कुल असहनीय हैं।
मक्का के समीप बुधवार को घटी ड्रोन घटना का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि इस ऐतिहासिक शहर की वैश्विक धार्मिक महत्ता को देखते हुए ऐसी घटनाएं अत्यंत विचलित करने वाली हैं। भारत नागरिकों की सुरक्षा को दांव पर लगाने और संप्रभु क्षेत्रों पर हमलों की पुनरावृत्ति की भर्त्सना करता है तथा पश्चिम एशिया में जल्द अमन-चैन लौटने की कामना करता है।
यह कूटनीतिक प्रतिक्रिया उस समय आई है जब हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक संदिग्ध ड्रोन को सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार को मक्का की हवाई सीमा में घुसने से पूर्व ही मार गिराया था।