घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जहां कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कमजोर पड़ते वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल के सहारे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। बाजार को मुख्य रूप से दिग्गज कंपनियों और रक्षात्मक क्षेत्रों के शेयरों में हुई खरीदारी से संबल मिला, यद्यपि व्यापक बाजार के सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
दिनभर की खरीद-फरोख्त के बाद सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ 74,858.99 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 67.90 अंक यानी 0.29 फीसदी चढ़कर 23,414.30 के स्तर को छूने में कामयाब रहा।
कच्चे तेल के भाव में आई हालिया कमी ने महंगाई के मोर्चे पर बन रही चिंताओं को कम किया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉन्ड प्रतिफल में नरमी आने से जोखिम वाले निवेश माध्यमों में पूंजी प्रवाह की धारणा मजबूत हुई, जिसका सीधा फायदा चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में हुई खरीदारी के रूप में देखने को मिला।
क्षेत्रीय आधार पर देखें तो उपभोक्ता और रक्षात्मक रुख वाले क्षेत्रों ने बढ़त का नेतृत्व किया। निफ्टी एफएमसीजी, फार्मा, हेल्थकेयर, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक अच्छी मजबूती के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, सरकारी बैंकों और धातु कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली हावी रही, जिसके चलते निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक गिरावट के साथ दिन के प्रमुख सुस्त क्षेत्रों में रहे।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी का 23,300 के स्तर से ऊपर बने रहना यह दर्शाता है कि मौजूदा रिकवरी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। विश्लेषकों ने स्पष्ट किया है कि ऊपर की ओर 23,500 से 23,600 का स्तर तात्कालिक बाधा साबित होगा, जबकि नीचे की ओर 23,300 और 23,200 के स्तर सूचकांक को स्थिरता देने में सहायक होंगे।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया करीब 0.11 प्रतिशत मजबूत होकर 95.81 रुपये प्रति डॉलर के आसपास टिका रहा। बीते 2-3 सत्रों में कच्चे तेल के दाम करीब 7 प्रतिशत फिसलकर लगभग 91.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुके हैं, जिसने रुपये को 96 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास आवश्यक सुरक्षा घेरा प्रदान किया।