कोलंबिया बिजनेस स्कूल के वित्त एवं रियल एस्टेट प्रोफेसर स्टिजन वान नीउवेनबर्ग के एक शोध में सामने आया है कि अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे में हो रहा भारी निवेश वहां की वित्तीय स्थिरता के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकता है। अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2032 तक AI के विस्तार में 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी झोंकी जा सकती है, जिसके लिए जटिल वित्तीय माध्यमों और विशाल ऋण का उपयोग किया जा रहा है।
शोधकर्ता का आकलन है कि इस तकनीकी विस्तार की लागत आगामी वर्षों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा हिस्सा साबित होगी। वर्ष 2032 तक हर साल अमेरिका की कुल जीडीपी का लगभग 3.6 प्रतिशत हिस्सा AI से जुड़े ढांचागत विकास में जाने का अनुमान लगाया गया है, जिससे संचयी पूंजीगत व्यय 10 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर निकल जाएगा।
इस विशाल पूंजी का मुख्य हिस्सा नई क्षमता के निर्माण में लग रहा है। जहां मौजूदा समय में डेटा केंद्रों की स्थापित क्षमता लगभग 57 गीगावाट है, वहीं अगले सात वर्षों में 183 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता विकसित किए जाने का अनुमान है। इस पूरे तंत्र में प्रमुख AI कंपनियों, तकनीकी दिग्गजों, बैंकिंग संस्थानों, निजी कर्जदाताओं और रियल एस्टेट कंपनियों का एक संयुक्त वित्तीय ताना-बाना शामिल है।
AI उद्योग की मौजूदा वित्तीय जटिलता पर चर्चा करते हुए प्रोफेसर नीउवेनबर्ग ने इसकी तुलना 2007-2009 के ऐतिहासिक अमेरिकी वित्तीय संकट के आवास ऋण ढांचे से की है। बहरहाल, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समानता का अर्थ यह कतई नहीं है कि अर्थव्यवस्था में तुरंत कोई मंदी या संकट आने वाला है। उनका मानना है कि यदि तकनीक की उपयोगिता में मजबूती आती है, मांग लगातार बढ़ती है और AI मॉडल पहले से अधिक सक्षम होते हैं, तो यह निवेश नियमित और सुरक्षित आय का स्रोत बन सकता है।
अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि इस भारी निवेश को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए AI क्षेत्र को वर्ष 2032 तक हर साल 3.7 ट्रिलियन डॉलर का वार्षिक राजस्व हासिल करना अनिवार्य होगा। वर्तमान में OpenAI और Anthropic का मिला-जुला वार्षिक कारोबार करीब 100 अरब डॉलर आंका गया है। विश्लेषकों के अनुसार, इस मौजूदा स्तर से 3.7 ट्रिलियन डॉलर का विशाल आंकड़ा छूने के लिए उद्योग को प्रति वर्ष लगभग 80 प्रतिशत की दर से तेज राजस्व वृद्धि बनाए रखनी होगी।