सेना प्रमुख ने परखी चिनार कोर की युद्धक तत्परता, तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि’ शिविर का लिया जायजा

सेना प्रमुख ने परखी चिनार कोर की युद्धक तत्परता, तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि’ शिविर का लिया जायजा

सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर के सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर नियंत्रण रेखा तथा भीतरी भागों में परिचालन संबंधी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अग्रिम मोर्चों पर पहुंचे सेना प्रमुख ने सुरक्षा बलों के साथ संवाद कर उनकी अभियानगत सतर्कता की समीक्षा की।

उत्तरी कमान के अधीन आने वाली चिनार कोर के सेक्टरों के निरीक्षण के दौरान फील्ड कमांडरों ने थल सेनाध्यक्ष को मौजूदा जमीनी सुरक्षा हालात की अद्यतन स्थिति से रूबरू कराया। इस दौरान सीमा पार से घुसपैठ रोकने के प्रभावी उपायों, घाटी के अंदरूनी इलाकों में सक्रिय आतंकवाद विरोधी अभियानों और सैन्य बल की रणनीतिक क्षमताओं के विकास पर गहन चर्चा की गई।

सैनिकों से बातचीत के क्रम में सेनाध्यक्ष ने उनकी निरंतर सतर्कता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने ‘जय से विजय’ के दृष्टिकोण को सामने रखते हुए भविष्य के लिए सेना को सशक्त बनाने वाले पांच-सूत्रीय मार्गदर्शक ढांचे ‘विजय’ का आह्वान किया। इसका ध्येय भारतीय सेना को ऐसी भविष्योन्मुखी शक्ति में रूपांतरित करना है जो न्यूनतम समय सीमा में हर प्रकार के सैन्य अभियानों के संचालन में पूरी तरह सक्षम हो।

क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने के संदर्भ में सेना प्रमुख ने भारतीय सेना, स्थानीय नागरिक प्रशासन, सीएपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के मध्य मौजूद उत्कृष्ट संयुक्त समन्वय को अत्यंत सराहनीय बताया।

दौरे के एक महत्वपूर्ण चरण में जनरल सेठ तंगधार पहुंचे, जहां उन्होंने ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ के तहत स्थापित आधुनिक शल्य नेत्र चिकित्सा शिविर का मुआयना किया। इस शिविर की रूपरेखा जम्मू-कश्मीर के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों तक विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा पहुंचाने के लिए तैयार की गई है, जिससे सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों, वीर नारियों और आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल रहा है।

यह चिकित्सा शिविर 23 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) एवं श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल के सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिविर के तहत 6,000 से अधिक लोगों की आंखों की जांच और 400 से अधिक नेत्र ऑपरेशनों की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *