देश भर के सरकारी बैंकों में सोमवार को सभी बैंकिंग गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हुईं। बैंक कर्मचारी संगठनों के शीर्ष निकाय ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (यूएफबीयू) द्वारा 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को टाल दिए जाने से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों ने सोमवार को आधिकारिक सूचना जारी कर शाखाओं में परिचालन सामान्य रहने की पुष्टि की। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में स्पष्ट किया कि यूएफबीयू की प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली गई है, जिसके चलते सभी शाखाएं और वित्तीय सेवाएं पूर्ववत खुली व क्रियाशील रहेंगी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी ग्राहकों के लिए जारी परामर्श में कहा कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार टलने के बाद उनकी सभी शाखाओं में नियमित कामकाज जारी है।
इसी क्रम में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित अन्य सरकारी बैंकों ने भी परामर्श जारी किए। इन सभी वित्तीय संस्थानों ने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि शाखा स्तर पर सभी सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हड़ताल टालने का यह निर्णय रविवार रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूएफबीयू के पदाधिकारियों के बीच आयोजित मैराथन बैठक के बाद लिया गया। रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई इस वार्ता में कर्मचारियों से जुड़े लंबित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके उपरांत संवाद की प्रक्रिया जारी रखने और आंदोलनकारी कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित करने पर सहमति बनी।
वार्ता में सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग पर विचार करने के लिए आईबीए और कर्मचारी संघों की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित करने का फैसला हुआ। यह समिति पांच दिवसीय कार्य सप्ताह से जुड़े सभी व्यावहारिक विकल्पों का अध्ययन करेगी। साथ ही विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर ऐसा समाधान तैयार किया जाएगा, जो बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए भी पूरी तरह स्वीकार्य हो।