कमोडिटी बाजार में नरमी: सोना और चांदी 2.5 फीसदी तक टूटे, अंतरराष्ट्रीय दबाव से घटी चमक

कमोडिटी बाजार में नरमी: सोना और चांदी 2.5 फीसदी तक टूटे, अंतरराष्ट्रीय दबाव से घटी चमक

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान ही इन दोनों धातुओं की कीमतों में करीब 2.5 प्रतिशत तक की कमी देखी गई, जिससे हालिया तेजी के बाद खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं और निवेशकों को राहत मिली है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अक्टूबर 2026 की एक्सपायरी वाला सोने का अनुबंध पिछले कारोबारी सत्र के 1,50,881 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले गिरावट के साथ 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 9:50 बजे तक इसमें 2,721 रुपये अथवा 1.80 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी थी और यह 1,48,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने ने 1,47,667 रुपये का निचला और 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

चांदी के वायदा भाव में भी बिकवाली का स्पष्ट असर देखा गया। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 के चांदी अनुबंध की शुरुआत 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई, जबकि पिछला बंद भाव 2,34,696 रुपये प्रति किलोग्राम था। सुबह के सत्र में यह 5,490 रुपये यानी 2.34 प्रतिशत लुढ़ककर 2,29,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अब तक के कारोबार में चांदी ने न्यूनतम 2,28,035 रुपये और अधिकतम 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर दर्ज किया।

कीमती धातुओं में नरमी का यह रुख केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारी दबाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर सोना 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,230 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, वहीं चांदी में 3.67 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी दर्ज की गई और इसका भाव गिरकर 62.43 डॉलर प्रति औंस रह गया।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट का प्राथमिक कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चिंता और डॉलर इंडेक्स की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.83 के स्तर पर पहुंच चुका है। उल्लेखनीय है कि डॉलर इंडेक्स अमेरिकी डॉलर की स्थिति को विश्व की छह प्रमुख मुद्राओं—यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक—के मुकाबले आंकता है। डॉलर मजबूत होने से आमतौर पर विदेशी मुद्राओं में सर्राफा की मांग प्रभावित होती है।

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