ओडिशा में बाढ़ से 13 जिले प्रभावित: मुख्यमंत्री माझी ने किया हवाई सर्वेक्षण, एक लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में पहुंचे

ओडिशा में बाढ़ से 13 जिले प्रभावित: मुख्यमंत्री माझी ने किया हवाई सर्वेक्षण, एक लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में पहुंचे

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को राज्य के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई मुआयना किया और प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ितों तक सभी जरूरी इमदाद तत्परता से पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के चलते हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य के दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी अंचलों के 13 जिलों में जलभराव और गंभीर बाढ़ के हालात खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, भारी वर्षा से विशेष रूप से गंजाम, गजपति, मलकानगिरि, कोरापुट तथा नबरंगपुर जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। वहीं नदियों का जलस्तर तेजी से चढ़ने के कारण उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज जिलों के रिहायशी क्षेत्रों में भी पानी प्रवेश कर गया है।

प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए निचले इलाकों में फंसे एक लाख से अधिक बाशिंदों को सुरक्षित बाहर निकाला है और उन्हें 500 से ज्यादा बनाए गए राहत शिविरों में ठहराया है। बालासोर जिला बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है, जहां 3.5 लाख से अधिक की आबादी संकट का सामना कर रही है। राहत एजेंसियों ने अकेले इसी जिले से 67,266 नागरिकों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया है।

हालात उस समय और गंभीर हो गए जब छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश के बाद हीराकुड बांध से अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। इससे महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ गंजाम और कोरापुट जिलों का हवाई मुआयना किया। कोरापुट में मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर मुआयना करते हुए स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि रविवार रात तक महानदी से सात लाख क्यूसेक पानी कटक के निकट मुंडली पहुंचेगा, जिसके सोमवार सुबह तक बढ़कर आठ लाख क्यूसेक होने का अनुमान है।

मुख्य अभियंता ने आगाह किया कि इस बहाव से महानदी की सहायक नदियों में भी उफान आएगा, जिससे कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी भर सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कटक जिले के बांकी, अतगढ़ और बडंबा के कई निचले क्षेत्र रविवार को ही जलमग्न हो जाएंगे।

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