आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास और नियमन पर राष्ट्रपति ट्रंप की प्रमुख टेक कंपनियों के साथ अहम बैठक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास और नियमन पर राष्ट्रपति ट्रंप की प्रमुख टेक कंपनियों के साथ अहम बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य AI के तीव्र प्रसार के दौर में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और जरूरी सरकारी नियंत्रण के बीच सही सामंजस्य स्थापित करना है।

बैठक में उद्योग जगत के कई बड़े नाम मौजूद रहने की संभावना है। इनमें मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई, एनवीडिया के प्रमुख जेंसन हुआंग और ओपनएआई के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन शामिल हैं। स्पीकर माइक जॉनसन ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि वार्ता का मुख्य केंद्र बिंदु तकनीक की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन साधना ही रहेगा।

यह संवाद ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब विभिन्न क्षेत्रों में AI एजेंटों की गतिविधियों और उनके दुष्प्रभावों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। ओपनएआई और एंथ्रोपिक द्वारा यह उजागर किए जाने के बाद कि उनके मॉडल अप्रत्याशित ढंग से कार्य कर रहे हैं और उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में बिना निर्देश दखल दे रहे हैं, सरकारी स्तर पर कड़े नियमों की मांग तेज हो गई है। कई शोधकर्ता पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अनियंत्रित AI भविष्य में मानव अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस तकनीक से मानवता पर मंडराने वाले खतरों से जुड़े तर्कों को दरकिनार किया है। उनका मानना है कि वैश्विक पटल पर, खासकर चीन के मुकाबले, अमेरिका को अपनी तकनीकी बढ़त बरकरार रखनी होगी। स्पीकर जॉनसन ने भी इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि अत्यधिक पाबंदियों से अमेरिका पिछड़ सकता है, इसलिए नवाचार को रोके बिना एक संतुलित निगरानी व्यवस्था अपनाना जरूरी है।

जनता के बीच भी इस विषय को लेकर संशय का माहौल है। 17 से 20 सितंबर के दौरान हुए रॉयटर्स/इप्सोस के एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में 73 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि कंपनियां समाज को नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं कर रही हैं, जबकि 55 प्रतिशत लोगों ने इसके विकास की रफ्तार धीमी करने की वकालत की। पूर्व में जारी जून के कार्यकारी आदेश के अनुसार, कंपनियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अपने सबसे उन्नत मॉडल जारी करने से 30 दिन पहले समीक्षा के लिए स्वेच्छा से सरकार को सौंपें।

यह घटनाक्रम चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई हालिया मुलाकात के तुरंत बाद सामने आया है, जहां दोनों देशों के बीच AI प्रबंधन पर अलग-अलग राय देखी गई थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि चीनी राष्ट्रपति उनकी योजनाओं से सहमत हैं। दूसरी ओर, शी जिनपिंग का कहना था कि दोनों राष्ट्रों की जिम्मेदारी है कि वे AI को जनहित और वैश्विक कल्याण के लिए विकसित करें तथा तकनीक को हमेशा इंसानी निगरानी के दायरे में ही रखा जाए।

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