नई दिल्ली में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश ने दशकों पुरानी आंतरिक सुरक्षा की तीन प्रमुख समस्याओं—जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद—पर काबू पाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से ये तीनों संवेदनशील क्षेत्र अब शांत हैं और देश के अन्य हिस्सों के साथ विकास की दौड़ में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने लंबे समय से चली आ रही इन चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है। कभी सुरक्षा के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने रेखांकित किया कि घाटी में आतंकी गतिविधियों पर व्यापक अंकुश लगाया जा चुका है, शांति समझौतों और बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण के बाद पूर्वोत्तर शांति की राह पकड़ चुका है, वहीं पांच दशकों से जारी नक्सल हिंसा को भी सुरक्षा बलों ने अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है। इस दौरान उन्होंने विशेष तौर पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और कोबरा बटालियन की कार्यकुशलता की सराहना की।
अमित शाह ने देश की सीमाओं और आंतरिक मोर्चों पर तैनात सीएपीएफ कर्मियों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि त्योहारों, विरोध-प्रदर्शनों, सीमा प्रबंधन और चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा बल निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। लोकतंत्र की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के निर्बाध संचालन में इन बलों की सक्रिय उपस्थिति अनिवार्य रही है।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी से एक विशेष मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रैली के संदर्भ में जानकारी दी, जबकि ‘शहीद पुस्तिका रक्षक टोली’ ने वीर बलिदानियों को नमन किया।
मादक पदार्थों की चुनौती का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने एक प्रमुख कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने 2026 की शेष अवधि से लेकर 2027, 2028 और 2029 के दौरान नशीले पदार्थों के विरुद्ध संयुक्त अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 31 दिसंबर 2029 तक पूरे देश को नशा-मुक्त बनाना है।
गृह मंत्री ने कहा कि यह अभियान आंतरिक सुरक्षा के पूर्ववर्ती मुद्दों से भी अधिक व्यापक और गंभीर है। मादक पदार्थों का अवैध जाल न केवल आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर अनुचित दबाव डालता है और राष्ट्रविरोधी तत्वों के वित्तपोषण का माध्यम बनता है। उन्होंने देश भर के पुलिस बलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय की गई रूपरेखा के अनुरूप समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।