बुधवार को एशियन पैरा गेम्स की पुरुषों की ऊंची कूद (टी44 स्पर्धा) में भारतीय एथलीटों ने शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा जमाया। दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके प्रवीण कुमार ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि हमवतन बंटी ने दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता।
प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार कर नया गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने प्रतियोगिता की शुरुआत 1.92 मीटर से की थी और अंतिम प्रयास में 2.05 मीटर की बाधा पार कर अपने खिताब का सफल बचाव किया। इससे पूर्व, उन्होंने 2.00 मीटर की छलांग लगाकर जकार्ता 2018 में उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव द्वारा बनाए गए 1.95 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।
इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 1.92 मीटर की कूद लगाई और रजत पदक पक्का किया। वहीं, उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव 1.86 मीटर की कूद के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
पैरा एथलेटिक्स की वर्गीकरण व्यवस्था के अनुसार, टी44 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है जिनके पैरों के निचले हिस्से में विकार, पैरों की लंबाई में अंतर, मांसपेशियों की शक्ति में कमी या जोड़ों की गतिशीलता सीमित होती है। इस वर्ग में एथलीट बिना किसी कृत्रिम अंग के भाग लेते हैं। इसके विपरीत, टी64 श्रेणी में समान शारीरिक असमानताओं वाले खिलाड़ी कृत्रिम अंग (प्रोस्थेसिस) की सहायता से मैदान में उतरते हैं।
प्रवीण कुमार का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड उल्लेखनीय रहा है। टोक्यो 2020 पैरालंपिक (आयोजन वर्ष 2021) में उन्होंने टी64 वर्ग के अंतर्गत 2.07 मीटर की कूद लगाकर तत्कालीन एशियाई रिकॉर्ड के साथ रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद हांगझू एशियन पैरा गेम्स (2022 संस्करण, आयोजन वर्ष 2023) में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। पेरिस 2024 पैरालंपिक में 2.08 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रहा।
इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली में संपन्न हुई 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी प्रवीण ने टी64 स्पर्धा में 2.00 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता था। एक ही अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भारत के दो एथलीटों का पोडियम पर पहले और दूसरे स्थान पर पहुंचना देश के पैरा खेलों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।