केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि फेस्टिवल और ठंड के मौसम में हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस मौसम में संक्रमण के बढ़ने के मामलों में तेजी आ सकती है। ऐसे समय सभी को सावधानी बरतनी होगी।
उन्होंने कोरोना वैक्सीन का अपडेट भी दिया। कहा, अलग-अलग वैक्सीन का ट्रायल अभी फेज-1, फेज-2, फेज-3 में चल रहा है। इसके रिजल्ट आने बाकी हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने अभी कोई ऐसा फैसला नहीं लिया है जिसके मुताबिक वैक्सीन के इमरजेंसी यूज शुरू किए जा सकें।
ठंड में सांस के रोगी बढ़ने लगते हैं
डॉ. हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया के जरिए अपने 5वें संडे संवाद कार्यक्रम में लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा- SARS Cov 2 एक रेस्पिरेटरी वायरस है और ऐसे वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता है। रेस्पिरेटरी वायरस ठंड के मौसम और कम आर्द्रता की स्थिति में ज्यादा बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा- सर्दी के मौसम में आवासीय इलाकों में लोग ज्यादा जुटते हैं। इससे मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए भारतीय संदर्भ में, यह मानना गलत नहीं होगा कि सर्दी के मौसम में मामलों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। डॉ. हर्षवर्धन ने ब्रिटेन का उदाहरण दिया। यहां ठंड के मौसम में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देगी गई थी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा-
- दुनिया का कोई भी धर्म अथवा भगवान यह नहीं कहता कि आप लोगों की जिंदगी खतरे में डालकर त्योहार मनाएं। कोरोना के खिलाफ जंग को जीतने के लिए हमें पीएम मोदी के जन-आंदोलन को गंभीरता से लेना होगा।
- आप इसे मेरी चेतावनी समझ लें या फिर सलाह, लेकिन अगर त्योहारों के दौरान हमने लापरवाही बरती तो कोरोना फिर से विकराल हो जाएगा। इसलिए मैं कहूंगा कि त्योहारों के दौरान दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी के नियमों का पालन जरूर करें। बाहर जाने के बजाय घर पर रहकर परिवार के साथ त्योहार मनाएं।
- देश में कोरोना वैक्सीन पर वैज्ञानिकों की हाई कमेटी टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि घरेलू स्तर पर अगले वर्ष जुलाई तक वैक्सीन आ सकती है। वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध कराने के लिए सरकार का फोकस होगा। शुरुआत में इसे ज्यादा जरूरतमंदों को दी जाएगी।
देश में अब तक 70.79 लाख केस
देश में अब तक 70 लाख 79 हजार 426 लोग संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात है कि इनमें 61 लाख 4 हजार 199 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 65 हजार 588 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। अब तक संक्रमण के चलते 1 लाख 8 हजार 573 मरीजों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।