US की रिलीजियस फ्रीडम लिस्ट:अमेरिका ने कहा- पाकिस्तान और तालिबान एक जैसे

धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिका ने अपनी नई लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पाकिस्तान और तालिबान को एक ही कैटेगरी में रखा गया है। इस कैटेगरी को ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कन्सर्न ’ या CPC कहा जाता है। इसके मायने ये हैं कि पाकिस्तान और तालिबान अपने-अपने क्षेत्रों या इलाकों में मजहबी आजादी या रिलीजियस फ्रीडम नहीं देते। पहली बार इस लिस्ट में रूस को भी शामिल किया गया है, जबकि सूडान को बाहर कर दिया गया है।

यह लिस्ट अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जारी की है। उन्होंने कहा- पाकिस्तान और तालिबान का तरीका एक जैसा है। ये दूसरे मजहबों या आस्थाओं को मान्यता नहीं देते।

पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने रिलीजियस फ्रीडम पर यह रिपोर्ट न्यूज एजेंसी के हवाले से जारी की है। इसमें पाकिस्तान को तालिबान को मजहबी आजादी के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। तीन साल पहले डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने पहली बार पाकिस्तान को इस सूची में रखा था। यह लिस्ट हर साल जारी की जाती है। 2018 में इमरान खान पहली बार प्रधानमंत्री बने थे और इसी साल पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार तेजी से बढ़े थे। इसके बाद ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने पाकिस्तान को CPC में रखा था। तीन साल बाद भी पाकिस्तान इस लिस्ट में है।ट्रम्प ने जनवरी में सत्ता संभाली थी। इसके बाद एम्बेसी और इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर दुनिया के उन देशों की नई लिस्ट तैयार की गई, जहां मजहबी आजादी नहीं है। नई लिस्ट में दो बदलाव किए गए हैं। रूस को पहली बार इस लिस्ट में शामिल किया गया है, जबकि सिविल वॉर जैसे हालात से जूझ रहे अफ्रीकी देश सूडान को इससे बाहर कर दिया गया है। ब्लिंकन ने कहा- हमने उन देशों को इस लिस्ट में रखा है जहां संगठित तौर पर दूसरों की धार्मिक स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाया जाता है या छीना जाता है।

ब्लिंकन ने एक लिखित बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है- मैं उन देशों की लिस्ट जारी कर रहा हूं, जहां रिलीजियस फ्रीडम नहीं है। इनमें बर्मा (म्यांमार), चीन, ईरान, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान शामिल हैं। इन देशों को लेकर हमें गंभीर चिंता है।

एक वॉच लिस्ट भी जारी की गई है। इसमें अल्जीरिया, क्यूबा और निकारागुआ को शामिल किया गया है। इन पर अमेरिकी दूतावास और दूसरी एजेंसियां पैनी नजर रखेंगी।

अमेरिका ने अल-शबाब, बोको हरम, हयात तहरीर अल शाम, हूती, आईएसआईएस, जमात नस्र अल इस्लाम वल मुस्लिमीन और तालिबान जैसे धार्मिक कट्टरपंथी संगठनों को बैन लिस्ट में रखा है। ये किसी न किसी देश में मौजूद हैं। अमेरिका में रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत यह लिस्ट जारी की जाती है। ब्लिंकन ने कहा- हम संबंधित सरकारों पर यह दबाव बनाते रहेंगे कि वो अपने-अपने क्षेत्रों में धार्मिक स्वतंत्रता को मजबूती से लागू करें।

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