कोरोना देश-दुनिया में

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तमिलनाडु तक पहुंच गया है। बुधवार को राज्य में पहले केस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ए सुब्रमण्यम ने बताया कि 47 साल का यह संक्रमित नाइजीरिया से लौटा है। इधर, महाराष्ट्र और केरल में में भी आज ओमिक्रॉन के 4-4 नए संक्रमित मिले हैं।

महाराष्ट्र में 2 केस ओस्मानाबाद जबकि मुंबई और बुलढाना में नए वैरिएंट के एक-एक मामले सामने आए हैं। इस तरह राज्य में ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। केरल में ओमिक्रॉन के कुल 5 केस हो गए हैं। वहीं देश में नए वैरिएंट के कुल मामले बढ़कर 73 पर पहुंच गया है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में अब तक 32 लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें मुंबई में 13, पिंपरी चिंचवाड़ा में 10, पुणे और ओस्मानाबाद में 2-2, वहीं कल्याण-डोंबीवली, नागपुर, लातूर, वसई विरार और बुलढाना में एक-एक मरीज सामने आए हैं।\

पश्चिम बंगाल सरकार ने मौजूदा कोरोना प्रतिबंधों को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया है। 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच लोगों और वाहनों की आवाजाही से संबंधित प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।

वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को रिसर्च कैम्पस बनाने के लिए के लिए 50 मिलियन ब्रिटिश पाउंड (करीब 504 करोड़ रुपए) देने का वादा किया है। यह रिसर्च कैम्पस कोविशील्ड बनाने वाली एस्ट्राजेनेका के लिए भी सेवाएं देगा। इस कैम्पस का नाम पूनावाला परिवार के नाम पर रखा जाएगा। इसी के साथ SII और जेनर इन्स्टीट्यूट के बीच भी सहमति बनी है जो ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका COVID-19 वैक्सीन बनाने के पीछे है ताकि जेनर की R21/Matrix-M मलेरिया वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके।

साइरस पूनावाला ने 1966 में सीरम इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी। 2019 में साइरस को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया था। फिलहाल कंपनी की कमान साइरस के बेटे अदार पूनावाला के हाथों में है। अदार की पत्नी नताशा पूनावाला सीरम लाइफ साइंसेज की प्रमुख हैं।

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच बूस्टर डोज पर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को बूस्टर डोज के लिए सही माना है।

बुधवार को एजेंसी ने कहा कि इसे पहली खुराक लेने के 2 महीने बाद बूस्टर डोज की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकी कंपनी फाइजर की बायोएनटेक और मॉडर्ना की वैक्सीन के बाद यह तीसरा टीका है, जिसे एम्स्टर्डम की मेडिकल एजेंसी ने बूस्टर डोज की तरह इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है।फिलीपींस में भी ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। नाइजीरिया और जापान से यहां पहुंचे 2 ट्रैवलर्स में बुधवार को नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नाइजीरियाई युवक ओमान एयर की फ्लाइट से 30 नवंबर को मनीला पहुंचा, जबकि फिलिपीन मूल का व्यक्ति 1 दिसंबर को जापान से आया।

पश्चिम बंगाल में ओमिक्रॉन का पहला केस दर्ज किया गया है। अबुधाबी से हैदराबाद होते हुए कोलकाता पहुंचे 7 साल के बच्चे की रिपोर्ट ओमिक्रॉन पॉजिटिव आई है। हेल्थ डिपार्टमेंट के एक अफसर ने बताया कि संक्रमित बच्चा बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला है।

अबुधाबी से पहले हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचे इस बच्चे की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कनेक्टिंग फ्लाइट से बंगाल जा रहे बच्चे की रिपोर्ट आने के बाद तेलंगाना सरकार ने इसकी जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार को दी थी।

तेलंगाना में आज ओमिक्रॉन के 2 संक्रमितों के मिलने की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में सोमालिया का नागरिक और केन्या की महिला शामिल है। दोनों संक्रमितों को हैदराबाद के तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (TIMS) में भर्ती कराया गया है।देश में कोविड वैक्सीनेशन 134.61 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक बुधवार सुबह 7 बजे तक वैक्सीन की 134.61 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। वहीं, पिछले 24 घंटों में करीब 68,89,025 लोगों को डोज लगाई गई। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6,984 नए मामले सामने आए। वहीं, कोरोना से 247 मौतें दर्ज की गई हैं।

मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20 केस मिले हैं। सबसे ज्यादा इंदौर में 23 दिन बाद 13 मरीज मिले हैं। इसके अलावा भोपाल में 4, जबलपुर, रतलाम और सागर में 1-1 मरीज मिला है। रतलाम में मिले मरीज की बस में ट्रैवल हिस्ट्री सामने आई है। उसने एक शादी भी अटेंड की है। एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 170 पहुंच गई है। 27 दिन में 429 संक्रमित मिल चुके हैं। सबसे ज्यादा भोपाल में 182 और इंदौर में 155 मरीज हैं।

ओमिक्रॉन वैरिएंट पर जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के असर को लेकर दक्षिण अफ्रीकी वायरोलॉजिस्ट ने नई स्टडी जारी की है। जोहान्सबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पेनी मूर ने बताया कि यह वैक्सीन ओमिक्रॉन के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं बना पा रही। वैक्सीन ओमिक्रॉन से थोड़ी ही सुरक्षा देती है। यह सुरक्षा भी शरीर में पहले से मौजूद इम्यून सेल की वजह से मिल रही है।

प्रोफेसर मूर ने बताया कि उन्होंने फाइजर, बॉयोटेक और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन लगवा चुके लोगों के ब्लड सैंपल्स पर ओमिक्रॉन का असर टेस्ट किया। लैब टेस्ट के नतीजों में जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन लगवा चुके लोगों में बाकी के मुकाबले बहुत ही कम एंटीबॉडी लेवल पाया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *