प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI Scheme) को मंजूरी दी गई है। 6 साल में इस प्रोजेक्ट पर 76,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 2.3 लाख करोड़ रुपए की प्रोत्साहन रकम दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। इसे ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ की स्थापना से इस क्षेत्र को चलाया जाएगा।सेमीकंडक्टर सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में लगने वाले प्रमुख कलपुर्जों में आता है। पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर की सप्लाई में आई कमी से हाल ही में स्मार्टफोन, लैपटॉप, कार और तमाम तरह के उत्पादों के प्रोडक्शन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे समय में जब माइक्रोचिप की कमी के कारण इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है, सरकार के इस कदम से सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को फायदा होगा। इससे कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक हब बनने में मदद मिलेगी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार देश में सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन के लिए अगले 6 साल के लिए 76,000 करोड़ रुपए की PLI स्कीम को मंजूरी दी है। इस इंसेटिव को 3 तरीके से दिया जा सकता है। इसमें 25% इंसेंटिव कैपिटल कंपाउंड सेमीकंडक्टर वेफर फ्रैब्रिकेशन, असेंबलिंग, टेस्टिंग, पैकेजिंग और उत्पादन के लिए लगाई जाने वाली यूनिट के पूंजी खर्च पर दिया जा सकता है।मीकंडक्टर के डिजाइनिंग विकास और उत्पादन पर काम करने वाले स्टार्टअप को भी इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है। सरकार का अनुमान है कि इस स्कीम के तहत इंडस्ट्रीज की तरफ से 1.7 लाख करोड़ रुपए का निवेश आ सकता है। इसके साथ ही यह भी उम्मीद है कि इस स्कीम के तहत मीडिया टेक, इंटेल क्वालकॉम, टेक्सस इस्ट्रूमेंट जैसी कंपनियां भारत में अपनी ईकाईयां लगाने के लिए प्रोत्साहित हो सकती हैं।
सरकार उस समय यह स्कीम लेकर आने की तैयारी में है जब पूरी दुनिया सेमीकंडक्टर की सप्लाई की कमी की समस्या से जूझ रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार सेमीकंडक्टर प्रदर्शन के लिए 2 फैब यूनिट की स्थापना की तैयारी में है। इस स्कीम के तहत भारत को सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की योजना है।