PAK-अफगान तनाव:विपक्ष की मांग- तालिबान हुकूमत का समर्थन बंद करे इमरान सरकार

पाकिस्तान के विपक्षी सांसदों ने इमरान खान सरकार से अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत का समर्थन बंद करने की मांग की है। सांसदों का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत बॉर्डर पर फेंसिंग नहीं होने दे रही, वो दोनों देशों के बीच की सीमा रेखा को मानने भी तैयार नहीं है। इन सांसदों ने कहा- जब तालिबान हुकूमत पाकिस्तान की फौज को ही आंखें दिखा रही है तो इमरान खान सरकार उसका समर्थन क्यों कर रही है।

दूसरी तरफ, बलूचिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तानी फौज की टुकड़ी पर हमला हुआ। इसमें दो सैनिकों की मौत हो गई।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद और पूर्व सीनेट चेयरमैन राजा रब्बानी के साथ कई विपक्षी सांसदों ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसने अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत के सामने सरेंडर कर दिया है। राजा रब्बानी ने कहा- अफगान तालिबान तो दोनों देशों की बॉर्डर मानने को भी तैयार नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों को फेंसिंग करने से ही रोक दिया है तो फिर हम उनके पीछे क्यों भाग रहे हैं। क्यों पाकिस्तान सरकार उनके लिए उतावली नजर आती है। अगर वो हमारी फौज को ही सम्मान नहीं दे सकते तो हम उनके लिए इतना परेशान क्यों हो रहे हैं। अफगान तालिबान अब भी पाकिस्तान तालिबान को मदद कर रहे हैं। हमारे देश में पहले ऐसा नहीं हुआ। इसके बावजूद देश से सच छिपाया जा रहा है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के सांसद आजम नजीर ने इमरान खान सरकार पर कट्टरपंथी पार्टियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। नजीर ने कहा- सियालकोट में श्रीलंका के एक नागरिक को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के लोगों ने जिंदा जलाकर मार डाला। पूरी दुनिया पाकिस्तान को लानत भेज रही है। इस सरकार ने अब तक क्या किया? मुल्क शर्मसार है और सरकार खामोश। इमरान उसी लब्बैक के साथ चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन कर रहे हैं। हम जनरल जिया उल हक के दौर में वापस जा रहे हैं। अब भीड़ सड़कों पर इंसाफ कर रही है। सरकार और अदालतें खामोश तमाशबीन बने हुए हैं।

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फौज पर हमलों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह गश्त पर जा रही एक टुकड़ी पर बलूचिस्तान के विद्रोही संगठन ने फायरिंग की। इस हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी फौज के मीडिया विंग ने खुद बयान जारी कर घटना की जानकारी दी। कुछ सैनिक घायल भी बताए गए हैं। हालांकि इनकी संख्या की जानकारी नहीं दी गई है। इस महीने की शुरुआत में भी पाकिस्तान की फौज पर इसी केछ इलाके में हमला हुआ था। उस घटना में 6 सैनिक मारे गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *