केंद्र ने साल 2020-2021 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की समय सीमा को बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया है। हालांकि ये डेडलाइन केवल कॉर्पोरेट के लिए बढ़ाई गई है। इसका मतलब है कि कॉर्पोरेट मार्च के मध्य तक FY21 का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय सीमा भी 15 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री के रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मौजूदा कोविड-19 स्थिति के कारण करदाताओं को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए समय सीमा बढ़ाई गई है। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत विभिन्न ऑडिट रिपोर्ट की ई-फाइलिंग में आने वाली समस्याओं के कारण भी ये फैसला लिया गया है।
टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन ने कहा, ‘एक्सटेंशन उन सभी करदाताओं के लिए है जिनके बुक ऑफ अकाउंट को कंपनी अधिनियम, सोसायटी अधिनियम, एलएलपी अधिनियम या आयकर अधिनियम जैसे किसी भी कानून के तहत ऑडिट किया जाना जरूरी है।’
जैन ने कहा, ‘ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने की नई तारीख 15 फरवरी है और ITR जमा करने की आखिरी तारीख 15 मार्च।’ उन्होंने कहा कि यह उन सभी इंडिविजुअल और अन्य टैक्सपेयर्स पर लागू नहीं होता है जिनकी नियत तारीख 31 दिसंबर को खत्म हो गई है।’आयकर अधिनियम की धारा 139 (1) के तहत तय समय तक ITR नहीं भरने पर धारा 234ए के तहत जुर्माना लगता है। बिलेटेड ITR 31 मार्च, 2022 तक 5 हजार रुपए के जुर्माने के साथ भर सकते हैं। वहीं अगर करदाता की कुल आय 5 लाख रुपए या इससे कम है तो उसे एक हजार रुपए ही जुर्माना देना होगा। आय 2.50 लाख से कम होने पर बिना जुर्माना रिटर्न भर सकते हैं।
ITR फाइल करने के 2 ऑप्शन मिलते हैं। 1 अप्रैल, 2020 को नया ऑप्शन दिया गया था। नए टैक्स स्लैब में 5 लाख रुपए से ज्यादा आय पर टैक्स की दरें तो कम रखी गईं, लेकिन डिडक्शन छीन लिए गए। वहीं अगर आप पुराना टैक्स स्लैब चुनते हैं तो आप कई तरह के टैक्स डिडक्शन का फायदा ले सकते हैं।