फ्रांस सरकार के कोरोना टीकाकरण के नए नियमों के चलते दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच वैक्सीन नहीं लगवाने के बाद भी मई में होने वाले फ्रेंच ओपन में भाग ले सकते हैं। दरअसल, जोकोविच ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है, जिसके चलते उन्हें साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन में नहीं खेलने दिया गया था।
नोवाक बिना वैक्सीन लगवाए ऑस्ट्रेलिया ओपन खेलने पहुंच गए थे, जिसके बाद पहले उनको घंटों एयरपोर्ट पर रोका गया और बाद में उनका वीजा भी कैंसिल कर दिया गया। उन्होंने इसके लिए कोर्ट तक लड़ाई लड़ी थी, लेकिन अंत में उन्हें हार ही मिली। जिसके बाद नोवाक को ऑस्ट्रेलिया से निर्वाचित भी कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया से वापसी के बाद उनका दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में भी खेलना मुश्किल लग रहा था, लेकिन अब उन्हें राहत मिलती दिख रही है।
ऑस्ट्रेलिया से वापसी के बाद उनका दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में भी खेलना मुश्किल लग रहा था, लेकिन अब उन्हें राहत मिलती दिख रही है। दरअसल, फ्रांस में एक नए कानून में भी ऐसे लोगों को स्टेडियम, रेस्त्रां, बार या अन्य किसी सार्वजिनक स्थानों पर एंट्री नहीं है, जिन्होंने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई है।
फ्रांस के खेल मंत्री रोक्साना एम ने कहा- जैसे ही नए कानून पास हो जाएंगे, टीकाकरण पास हर सार्वजनिक स्थान पर प्रवेश के लिए अनिवार्य होगा। ये दर्शकों, फ्रेंच या विदेशी लोगों पर भी लागू होगा। सोमवार से लागू हुए इस कानून के तहत पिछले 6 महीने में कोरोना संक्रमित होने का सबूत देने वाले व्यक्ति को पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी। जिसके अनुसार जोकोविच मई जून में फ्रेंच ओपन खेल सकते हैं, क्योंकि वो दिसंबर में कोविड से संक्रमित हुए थे। हालांकि फ्रांस सरकार ने जोकोविच के मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है।अभी तक जोकोविच के नाम 20 ग्रैंड स्लैम हैं। वह पुरुष वर्ग में सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में स्पेन के राफेल नडाल और स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के बराबर है। नडाल के पास इन दोनों खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलियन ओपन में पछाड़ने का मौका है। जोकोविच और फेडरर दोनों इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं और इसलिए नडाल खिताब के मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहे हैं।