दुनिया में बीते दिन 24.07 लाख नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। 21.35 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 6,627 लोगों की मौत हुई है। नए संक्रमितों के मामले में अमेरिका टॉप पर है। यहां 4.65 लाख केस मिले हैं। वहीं, भारत 2.55 लाख मरीजों के साथ दूसरे नंबर पर है। 1.08 लाख नए केस के साथ फ्रांस तीसरे नंबर पर है।
संक्रमण से एक दिन में सबसे ज्यादा 1,193 मौत अमेरिका में हुई है। भारत में 614 और फ्रांस में 393 लोगों की मौत हुई है। एक्टिव केस में भी अमेरिका टॉप पर है। पूरी दुनिया में 6.76 करोड़ एक्टिव केस हैं। इनमें से अकेले 2.72 करोड़ अमेरिका में हैं। अब तक 35.54 करोड़ से ज्यादा लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 28.21 करोड़ ठीक हो चुके हैं। वहीं, 56.22 लाख ने जान गंवाई है।ब्रिटेन ने विदेशी पर्यटकों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। 11 फरवरी से ब्रिटेन आने वाले वैक्सीनेटिड लोगों को कोई टेस्ट नहीं कराना होगा। उन्हें सिर्फ एक पैसेंजर लोकेटर फॉर्म भरना होगा। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है उन्हें प्री-डिपार्चर टेस्ट और ब्रिटेन पहुंचने पर RT-PCR टेस्ट कराना होगा।
दुनिया में अब तक कोरोना मामलों की स्थिति
कुल संक्रमित: 35.55 करोड़
ठीक हुए: 28.21 करोड़
एक्टिव केस: 6.76 करोड़
कुल मौतें: 56.22 लाख
अमेरिका में रिसर्चर्स ने कोविड जांच के लिए नया तरीका डेवलप किया है, जिसकी लागत बहुत ही कम है। रिसर्चर्स ने स्मार्टफोन आधारित डायग्नोस्टिक टूल डेवलप किया है। इस टूल के जरिए रैपिड टेस्ट में लगने वाले समय (20 मिनट) के भीतर ही RT- PCR जितनी एक्यूरेसी से सैंपल टेस्ट किया जा सकता है।
हार्मोनी नाम के इस टेस्ट को वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने डेवलप किया है। रिसर्चर्स का कहना है कि ये टेस्ट वायरस में मौजूद जेनेटिक मटेरियल की भी पहचान करता है। जिस वजह से ओमिक्रॉन वैरिएंट का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है।
RT- PCR टेस्ट में कई घंटे लगते हैं जबकि हार्मोनी किट 20 मिनट से भी कम समय में और उसी एक्यूरेसी के साथ रिपोर्ट दे देता है। टेस्ट में स्मार्टफोन को कम लागत वाले डिटेक्टर से कनेक्ट कर यूज किया जाता है। डिटेक्टर में टेस्ट सैंपल को रखा जाता है। ऑपरेट करने के 20 मिनट के बाद ही स्मार्टफोन पर संक्रमित व्यक्ति के पॉजिटिव या निगेटिव होने का पता चलता है।
फाइजर की वैक्सीन के ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ असर को लेकर अमेरिका में एक स्टडी पब्लिश की गई। शनिवार को पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, फाइजर वैक्सीन की तीसरी डोज ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप करने में 4 महीने का समय लेती है।
स्टडी में यह भी कहा गया है कि फिलहाल ओमिक्रॉन के लिए तीसरा डोज लगवाने की जरूरत नहीं है और किसी भी हेल्थ पॉलिसी को लागू करने से पहले अभी और स्टडी और रिसर्च की जरूरत है।
दुनिया में नए कोरोना संक्रमितों के मामले में जर्मनी 5वें नंबर पर पहुंच गया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने सोमवार को पाबंदियां बढ़ाने का फैसला लिया है। कोरोना को लेकर बनाए गए सरकारी पैनल के सुझाव के बाद ये फैसला लिया गया है।
पैनल ने कहा कि तेजी से फैलते ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। जर्मनी में पिछले हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते 86% ज्यादा संक्रमित मिले हैं।
ब्रिटेन फुली वैक्सीनेटेड टैवलर्स के लिए पाबंदियों में छूट देने जा रहा है। ये छूट 11 फरवरी से लागू होगी। भारत में ब्रिटेन के हाई कमिश्नर ने बताया कि वैक्सीनेटेड व्यक्ति को अब केवल पैसेंजर्स लोकेटर फॉर्म ही भरना होगा। हालांकि, अन-वैक्सीनेटेड लोगों को ब्रिटेन पहुंचने पर तुरंत या दो दिन के भीतर RT-PCR टेस्ट कराना जरूरी होगा। वहीं, 18 साल से कम्र उम्र के बच्चों को वैक्सीनेटेड न होने के बावजूद देश में ट्रैवल की अनुमति होगी।
यूरोप में दो दिन पहले 12.45 लाख नए केस आए थे, जो सोमवार को घटकर लगभग 10 लाख ही रह गए। इटली सरकार के कोविड इमरजेंसी कमिश्नर फ्रांसेस्को पाउलो ने कहा है कि पीक गुजर चुका है। इटली में 8 जनवरी के सबसे अधिक 2.28 लाख केस आए थे, इसके बाद से नए केस लगातार कम हो रहे हैं।
जिस अफ्रीका से कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर में फैला, उसी अफ्रीका में पिछले दो दिनों के दौरान नए मामले लगभग एक तिहाई घट गए। दो दिन पहले अफ्रीका में लगभग 30 हजार नए मामले सामने आए थे। वहां केस सोमवार को घटकर 10 हजार ही रह गए। 58 देशों वाले अफ्रीका में सबसे ज्यादा लगभग 7 हजार मामले अकेले ट्यूनिशिया में आए। दक्षिण अफ्रीका में 12 दिसंबर, 2021 को जहां सबसे अधिक लगभग 38 हजार नए केस आए थे वे सोमवार को घटकर दो हजार ही रह गए। सरकार अब सार्वजनिक स्थानों पर मास्क की अनिवार्यता खत्म करने पर भी विचार कर रही है।
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की बहुचर्चित जीरो कोविड पॉलिसी का एक बिजनेसमैन ने विज्ञापन छपवा कर विरोध किया है। विज्ञापन में लगभग सौ से अधिक देशों का नाम छापा गया है, जो अपने नागरिकों को देश लौटने की इजाजत दे चुके हैं। विज्ञापन में कहा गया है कि न्यूजीलैंड दुनिया का अकेला देश है जो अपने नागरिकों को वापसी की इजाजत नहीं दे रहा है। आलोचकों का कहना है, दुनिया खुल रही है और न्यूजीलैंड तालाबंदी कर रहा है।