छत्तीसगढ़ कोरोना:

छत्तीसगढ़ कोरोना:

छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर कमजोर पड़ने लगी है। कोरोना जांच केंद्रों से भीड़ खत्म होती दिख रही है। अब सर्दी-खांसी-बुखार जैसे लक्षणों के साथ अपेक्षाकृत कम लोग जांच केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। अधिकतर जांच कांटेक्ट ट्रेसिंग की अनिवार्यता और सरकारी कार्यालयों में प्रवेश आदि से पहले हो रहे हैं।

सोमवार को प्रदेश भर में 36 हजार 605 सैंपल लिए गए। इस दौरान 2 हजार 693 लाेगाें में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। 30 जनवरी को 25 हजार 669 सैंपल ही लिए जा सके थे। उससे पहले 29 जनवरी को 43 हजार 887 और 28 जनवरी को 47 हजार 540 सैंपल लिए जा सके थे। 26 जनवरी को केवल 20 हजार 993 सैंपल लिए गए।

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में कोविड ड्यूटी कर रहे 45 साल के एक शिक्षक की सोमवार दोपहर को मौत हो गई। उसकी ड्यूटी होम आइसोलेशन के कॉल सेंटर में लगी थी। दोपहर में बाहर निकलते समय सीढ़ी पर अचानक गिर पड़े। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लेकर जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आशंका है कि हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हुआ है।

कोरोना जांच में जुटे लोगों का कहना है, शुरुआत में जांच कराने वालों की जैसी संख्या आ रही थी अब वैसा नहीं है। इक्का-दुक्का लोग ही कोरोना की जांच कराने पहुंच रहे हैं। उनका जोर तुरंत रिपोर्ट जानने का है। ऐसे में उनकी एंटीजन और RTPCR दोनों जांच की जा रही है। एंटीजन किट से की गई जांच का नतीजा तुरंत बता दिया जा रहा है। वहीं RTPCR की रिपोर्ट कुछ दिन बाद आ रही है।

इधर सरकार ने कांटेक्ट ट्रेसिंग का दायरा बढ़ा दिया है।रायपुर कलेक्ट्रेट के प्रवेश बिंदु पर कोरोना जांच केंद्र बना है। यहां कलेक्ट्रेट आने वालों की जांच की जा रही है। वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया, रोजाना औसतन 100 से 150 लोगों की जांच एक बूथ पर ही हो रही है। अधिकतर की रिपोर्ट निगेटिव है।सोमवार को सैंपल की जांच और कोरोना पॉजिटिव पाए लोगों की पड़ताल से पता चला है कि संक्रमण दर 7.36% रह गई है। यानी 100 लोगों की जांच में केवल 7-8 लोग ही कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। 30 जनवरी को यह दर 9.14% थी। 29 जनवरी को यह 8.62% थी। 28 जनवरी को 8.24% और 26 संक्रमण दर 15.81% दर्ज हुई थी।

मरीजों की संख्या कम होने और संक्रमण दर में कमी के बावजूद मौत के बढ़े आंकड़े अभी भी डरा रहे हैं। सोमवार को प्रदेश में 19 मरीजों की मौत दर्ज की गई। इसमें 14 लोगों को कोरोना से पहले दूसरी बीमारियां थी या फिर से दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे थे। सबसे अधिक पांच लोगों की मौत दुर्ग जिले में हुई। रायपुर में 4 और सरगुजा-कांकेर में 2-2 लोगों की मौत दर्ज हुई है। वहीं बेमेतरा, महासमुंद, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और जशपुर में एक-एक मरीज की जान गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *