उम्मीदों की लहर धरी रह गई और निर्मला सीतारमण ने बजट पेश भी कर दिया। बोलीं 1 घंटा 31 मिनट, लेकिन सब कह रहे कि ये बजट महज भाषण सा लगा। टैक्स स्लैब नहीं बदला है। कोरोना से जुड़ी कोई रियायत नहीं है। किसानों को सिर्फ कहने को मिला है।
बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को टैक्स में छूट क्यों नहीं दी गई? पर सफाई भी दी। कहा- हमने दो साल से टैक्स नहीं बढ़ाया है। ये सबसे बड़ी राहत की बात है। यह बजट आम लोगों का बजट है।
वित्त मंत्री कुछ ऐसी बातें जरूर कह गईं जिन पर चर्चा जारी है। मसलन- सरकार अब डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगी। साथ ही इन्वेस्टमेंट का सबसे पॉपुलर जरिया बन चुकी क्रिप्टोकरेंसी की कमाई पर 30% टैक्स लेगी।
इनके साथ दो नई घोषणाएं भी कीं। पहली- एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स, यानी AVGC सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए AVGC प्रमोशन टास्क फोर्स बनाएगी सरकार। और दूसरी- प्रोफेशनल एजुकेशन के लिए डिजिटल यूनिवर्सिटी।
कुल जमा बजट में महज आठ बातें हैं, जो आपसे साझा करने लायक हैं। अभी करते हैं, लेकिन इससे पहले बताते चलें कि ये सब हम उसी क्रम में कर रहे, जैसा आपने हमें कहा था।
इनकम टैक्स: लगातार 9वें साल भी हाथ लगी निराशा, कोई बदलाव नहीं
इंतजार था कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होगा। 9वें साल भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। टैक्स फ्री इनकम की लिमिट बढ़ाने की उम्मीद थी, यह घोषणा भी नहीं हुई।
- टैक्स फ्री इनकम का दायरा नहीं बढ़ा, टैक्स स्लैब रिवाइज्ड नहीं
- आपको दो साल पुराने टैक्स रिटर्न को अपडेट करने की सुविधा
नौकरीपेशा: यहां भी उम्मीदें धराशायी, कोई बड़ा ऐलान नहीं
उम्मीद थी कि 80C का दायरा बढ़ाया जाएगा। कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम कल्चर में ढल चुके इम्प्लॉइज को राहत मिलेगी, पर ऐसा नहीं हुआ। ऐसे इम्प्लॉइज की संख्या 82% से ज्यादा थी, जो दफ्तर नहीं जाना चाहते।
- 80C के तहत निवेश और खर्चों में पुरानी 1.5 लाख की लिमिट
- वर्क फ्रॉम होम वर्कर के लिए कोई स्पेशल अलाउंस नहीं दिया
किसान: पीएम किसान सम्मान निधि नहीं बढ़ी, पर दूसरे ऐलान हुए
उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा, पर ऐसा नहीं हुआ। हां, कुछ और ऐलान हुए जो निश्चित तौर पर किसान के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
- किसान ड्रोन, नेचुरल फॉर्मिंग, लैंड डिजिटाइजेशन को प्रमोशन
- MSP का 2.37 लाख करोड़ सीधे किसानों के खाते में जाएगा
- Nabard के जरिए एग्रीकल्चर स्टार्टअप्स की फाइनेंसिंग होगी
- गंगा के किनारे 5 किमी. के दायरे में ऑर्गेनिक खेती पर फोकस
महिलाएं: जो उम्मीदें थीं, उनमें एक भी पूरी नहीं हुईं
महिलाएं इनकम टैक्स छूट, होम लोन और म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट पर रियायतों की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, जिससे उनकी कमाई या खर्च में राहत पर असर हो।
- 2 लाख आंगनवाड़ी अपग्रेड होकर सक्षम आंगनवाड़ी बनेंगी
- डायमंड और जेम्स पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 5% कर दी गई है
- हीरों के गहने सस्ते होंगे, नकली गहनों पर कस्टम ड्यूटी 400/किलो होगी
क्रिप्टोकरेंसी: 2 बड़े ऐलान हुए, दोनों का असर भी बड़ा होगा
सबसे पॉपुलर इन्वेस्टमेंट मीडियम क्रिप्टोकरेंसी को लीगल कर दिया गया है। भारत में 10 करोड़ से भी ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स हैं। डिजिटल करेंसी को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है।
- क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% का टैक्स
- डिजिटली एसेट्स ट्रांसफर करने पर 1% TDS लगेगा
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस साल लाएगा डिजिटल करेंसी
- डिजिटल करेंसी में ब्लैकचेन टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करेगी
हेल्थ सेक्टर और सोशल वेलफेयर: केवल फोकस की बात, कोई ऐलान नहीं
कोरोना की तीसरी लहर जारी है। पिछली बार हेल्थ सेक्टर को 2.38 लाख करोड़ रुपए दिए गए थे। इस बार इसे 50% बढ़ाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हां, सोशल वेलफेयर का बजट बढ़ा है।
- मेंटल हेल्थ काउंसिलिंग के लिए प्रोग्राम शुरू होगा
- पिछड़ों और दिव्यांगों के लिए 13,134 करोड़, पिछली बार से 12% ज्यादा
- पिछड़ों और सफाई कर्मचारियों के लिए 56 करोड़, पिछली बार 49 करोड़ बजट था
रेलवे: कोई बड़ा ऐलान नहीं, न ही निजीकरण या वर्ल्ड क्लास स्टेशन
रेलवे को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ है। इसके मायने यह हैं कि यात्री किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा बुलेट ट्रेनों और वर्ल्ड क्लास स्टेशनों का भी जिक्र नहीं किया गया है।
- 400 नई जेनरेशन की वंदेभारत ट्रेनें अगले 3 साल में चलेंगीं
- 100 प्रधानमंत्री गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल भी डेवलप होंगे
- मेट्रो सिस्टम डेवलप करने के लिए इनोवेटिव रास्ते खोजेंगे
- रेलवे छोटे किसानों और MSME के लिए प्रोडक्ट डेवलप करेगा
सीतारमण ने कहा कि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्, गेमिंग और कॉमिक्स यानी AVGC सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में वित्त मंत्री ने AVGC प्रमोशन टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया। ये टास्क फोर्स इससे जुड़े सभी स्टाक होल्डर्स के साथ बातचीत करेगी। ऐसे रास्ते तलाशेगी जिससे हम लोकल डिमांड को भी पूरा करें और ग्लोबल लेवल पर भी पार्टिसिपेट कर पाएं। इस सेक्टर में रोजगार की बड़ी संभावनाएं पैदा होंगी।बजट से पहले जब निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही थीं, तब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुस्कुराते हुए कहा कि मंत्रीजी डिजिटल बजट पढ़ेंगी। उम्मीद थी कि पिछली बार की तरह सीतारमण कुछ शेर-ओ-शायरी भी पढ़ेंगी। ऐसा नहीं हुआ। हां, महाभारत की एक सीख जरूर लोगों को बताई।