युद्ध की आहट के बीच मैक्रों-पुतिन की मुलाकात:

युद्ध की आहट के बीच मैक्रों-पुतिन की मुलाकात:

यूक्रेन को लेकर लगातार बढ़ते तनाव के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मॉस्को में मुलाकात की। पुतिन ने इस सारे मामले में ‘यूरोपीय की सुरक्षा’ के लिए कदम उठाने पर फ्रांस की तारीफ की। वहीं, मैक्रों ने भी कहा कि हमें उम्मीद है कि इस मीटिंग से डी-एस्केलेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह मुलाकात यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता तय करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।

फ्रांस ने रूस से युद्ध की आशंका को खत्म कर आपसी विश्वास बहाली को कायम करने के लिए कहा है। इस पर रूस की तरफ से कहा गया है कि पहले हमारी शंकाओं को दूर किया जाए। रूस इस बात पर अड़ा हुआ है कि किसी भी हालत में यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। रूस बिल्कुल भी यह नहीं चाहता है कि नाटो फोर्सेस उसकी बॉर्डर के बिल्कुल नजदीक पहुंच जाए।इस मुलाकात पर रूस के प्रवक्ता, दिमित्री पेसकोव ने कहा- फिलहाल जिस तरह के हालात हैं उनमें सिर्फ एक बैठक से सफलता की उम्मीद करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन मैक्रों ने कहा है कि वह कुछ ऐसे विचार लाएंगे जो तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

इमैनुएल मैक्रों पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव कम करने में काफी एक्टिव रोल निभा रहे हैं। सोमवार को उन्होंने पुतिन से मुलाकात से पहले एक ट्वीट किया- आइए हम रूस के लिए उपयोगी मसौदा तैयार करें, जो पूरे यूरोप के लिए उपयोगी हो, एक ऐसा मसौदा जो युद्ध से बचाता हो, जो आत्मविश्वास और स्थिरता पैदा करता हो।मैक्रों ने एक अन्य ट्वीट में पुतिन के साथ मुलाकात का वीडियो जारी करते हुए लिखा- हमें डी-एस्केलेशन की ओर बढ़ने की जरूरत है। हम शर्तें जानते हैं। सामूहिक सुरक्षा का सवाल, यूक्रेन का सवाल, बेलारूस और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति। आइए आगे बढ़ते हैं।

पुतिन से मुलाकात से पहले मैक्रों ने एक फ्रांसिसी अखबार को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में मैक्रों ने कहा कि रूस को अपनी सुरक्षा गारंटी लेने का अधिकार है। रूस के साथ बातचीत में इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि रूस के साथ सीमा साझा करने वाले दूसरे देशों की स्थिति कमजोर न हो जाएं। वहीं, फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा कि पुतिन के साथ बैठक में मैक्रों नॉरमैंडी फॉर्मेट का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे।

क्या है नॉरमैंडी फॉर्मेट? नॉरमैंडी फॉर्मेट (ग्रुप) 2015 में बनाया गया था। इसमें जर्मनी, फ्रांस, यूक्रेन और रूस शामिल हैं। इन्होंने पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष-विराम स्थापित करने का लक्ष्य रखा था। नॉरमैंडी फॉर्मेंट पर बेलारुस के मिंस्क शहर में 12 फरवरी 2015 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके मकसद में बॉर्डर को डी-एस्केलेट करने के साथ साथ पूर्वी यूक्रेन के डोनबास शहर का आर्थिक पुननिर्माण और राजनीतिक सुधार शामिल था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *