अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक शादीशुदा कपल को अरेस्ट किया है। इससे पहले पिछले सप्ताह इनके पास से करीब 26, 917 करोड़ रुपए (3.6 बिलियन डॉलर) कीमत के बिटकॉइन जब्त किए हैं, जिनकी एक सप्ताह में ही कीमत बढ़कर 33,668 करोड़ रुपए (4.5 बिलियन डॉलर) हो चुकी है।
खास बात ये है कि इन बिटकॉइन को हैकिंग में माहिर इस कपल ने करीब 6 साल पहले जब चुराया था, तब इनकी कीमत महज 5311 करोड़ रुपए (71 मिलियन डॉलर) थी। जस्टिस डिपार्टमेंट ने इसे आज तक की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरी बताया है
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट ने बताया है कि गिरफ्तार किए गए इलया लिचटेन्सटाइन (34) और हीथर मोर्गन (31) के खिलाफ 119,754 बिटकॉइन की लॉन्ड्रिंग करने की क्रिमिनल कम्पलेंट दर्ज कराई गई थी। ये बिटकॉइन दोनों ने 6 साल पहले 2016 में हांगकांग के क्रिप्टो एक्सचेंज बिटफाइनेक्स से चुराए थे। बिटफाइनेक्स दुनिया के सबसे बड़े वर्चुअल करेंसी एक्सचेंजेस में से एक है।
हालांकि जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने इस सवाल पर कोई कमेंट नहीं किया है कि लिचटेन्सटाइन और मोर्गन ने ये हैकिंग खुद की थी या किसी से कराई थी।साल 2016 में डिजिटल करेंसी की इतने बड़े पैमाने पर हैकिंग के जरिए चोरी ने क्रिप्टोकरेंसी की सिक्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए थे। दुनिया के सबसे बड़े करेंसी एक्सचेंज में क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी के कारण बिटकॉइन की वैल्यू करीब 20% तक गिर गई थी।
लिचटेन्सटाइन और मोर्गन को मैनहटन की फेडरल कोर्ट में मंगलवार को दोपहर बाद पेश किया गया, जहां जज ने लिचटेन्सटाइन को 37.40 करोड़ रुपए ( 5 मिलियन डॉलर) और मोर्गन के 22.44 करोड़ रुपए (3 मिलियन डॉलर) के बॉन्ड के बदले जमानत पर रिहा कर दिया।अमेरिका की डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा ओ. मोनाको ने आरोप लगाया कि आरोपी कपल ने चोरी किए गए फंड की लॉन्ड्रिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शंस का पहेली जैसा जाल बिछाया था। कोर्ट डॉक्यूमेंट्स के हिसाब से बिटफाइनेक्स के सिस्टम को हैक करने वाले ने 119, 754 बिटकॉइन को लिचटेन्सटाइन के डिजिटल वॉलेट में भेजने से पहले 2,000 ट्रांजेक्शंस के जाल के जरिए घुमाया था। इसके बाद पिछले पांच साल में वॉलेट से करीब 25,000 बिटकॉइन निकालने के लिए भी ट्रांजेक्शंस की बेहद जटिल सीरीज तैयार की थी।