अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और टेस्ला के CEO एलन मस्क के बीच जारी कोल्ड वॉर थमती नजर आ रही है। राष्ट्रपति बाइडेन ने टेनेसी में एक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन कारखाने के निर्माण की घोषणा करते हुए टेस्ला का जिक्र किया। इसे बाइडेन का मस्क की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाना माना जा रहा है। राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन ने पहली बार टेस्ला का जिक्र सार्वजनिक तौर पर किया है।
बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं और मस्क रिपब्लिकन पार्टी को सपोर्ट करते हैं। माना जा रहा है कि इसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण ही बाइडेन ने पिछले दिनों इलेक्ट्रिक कार कंपनियों के CEOs के साथ एक मीटिंग में मस्क को न्योता नहीं दिया था। जबकि, मस्क की कंपनी टेस्ला अमेरिका ही नहीं दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने के मामले में सबसे आगे है।मस्क दुनिया के सबसे रईस इंसान भी हैं। मीटिंग में नहीं बुलाए जाने पर मस्क ने बाइडेन को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था- बाइडेन ऐसी कठपुतली हैं, जो अमेरिकी नागरिकों को बेवकूफ समझ रहे हैं।मस्क के तीखे ट्वीट के बाद ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि व्हाइट हाउस या डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर इसका करारा जवाब दिया जाएगा, लेकिन बाइडेन ने विवाद को न बढ़ाना ही उचित समझा। राष्ट्रपति के आधिकारिक अकाउंट से किए गए ट्वीट में अमेरिका में निवेश करने वाली कंपनियों का जिक्र था। इसमें जनरल मोटर्स और फोर्ड के नए इलेक्ट्रिक वाहनों का भी जिक्र किया था। पोस्ट में ये भी लिखा कि टेस्ला, हमारे देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता है। मस्क ने इस पोस्ट पर मुस्कुराते हुए धूप के चश्मे वाले इमोजी के साथ रिप्लाई दिया।
बाइडेन और मस्क के बीच टकराव वैसे तो पिछले साल यानी 2021 में ही शुरू हो गया था, लेकिन ये इसके भी पहले की बात मानी जाती है। पिछले साल बाइडेन ने देश की बड़ी कार कंपनियों के एग्जीक्यूटिव्स के साथ मीटिंग की थी। इसमें तय हुआ था कि 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को ही तरजीह दी जाएगी।
इस मीटिंग में अमेरिकी की तमाम बड़ी कार कंपनियों के CEOs और दूसरे बड़े अफसर शामिल हुए थे, लेकिन मस्क को इसमें नहीं बुलाया गया था। पिछले हफ्ते हुई मीटिंग में भी जनरल मोटर्स यानी GM और फोर्ड जैसी कंपनियों के CEOs को न्योता दिया गया, लेकिन मस्क को इससे दूर रखा गया। मस्क की नाराजगी इसी बात को लेकर है। अमस्क को न बुलाने पर मेरिकी मीडिया ने भी सवाल उठाए थे।