सुप्रीमकोर्ट ने अरबपति गौतम अडाणी की बिजली कंपनी अडाणी पावर के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसने कहा है कि राजस्थान में सरकारी वितरण कंपनियां 30.48 अरब रुपए का पेमेंट करें।इस फैसले के बाद अडाणी पावर का शेयर आज 12% बढ़त के साथ 123 रुपए पर पहुंच गया। दरअसल, अडाणी ग्रुप कई सारी अदालतों में राजस्थान और हरियाणा के खिलाफ केस लड़ रहा है। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद कंपनी को केस में और आसानी हो जाएगी। यह पेमेंट ईंधन की ज्यादा लागत की भरपाई के लिए देना होगा। इसमें मूलधन के साथ ब्याज भी है।
सुप्रीमकोर्ट ने अपने आदेश में राजस्थान की 3 विद्युत वितरण (डिस्कॉम) को आदेश किया है कि वे कम्पेंसेंटरी टैरिफ से संबंधित रकम का पेमेंट अडाणी पावर को करें। कोर्ट ने कहा कि राजस्थान की इन तीनों वितरण कंपनियों ने इस साल के शुरुआत में उनके रिव्यू पिटीशन के खारिज होने के बाद बकाया रकम का पेमेंट नहीं किया है। यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना है।
बताते चलें कि इन तीनों कंपनियों ने 2022 में आए ऑर्डर के समीक्षा के लिए एक रिव्यू पिटीशन फाइल किया था। इसमें यह मांग की गई थी कि अडाणी पावर को कम्पेन्सेंटरी टैरिफ देने के आदेश की फिर से समीक्षा की जाए। हालांकि कोर्ट ने इस रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया था।कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अगले 4 हफ्ते में अडाणी पावर का 3,037 करोड़ रुपए का पेमेंट इन कंपनियों को करना होगा। इसमें से कुछ पहले ही दिया भी जा चुका है। यह पेमेंट 2013 से बकाया है। सरकारी पावर रिटेलर्स कंपनियों को बिजली चोरी होने और लीकेज होने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इस आदेश से अडाणी पावर को कर्ज चुकाने और अन्य प्रोजेक्ट के लिए जरूरी फंड में मदद मिलेगी।