यूक्रेन पर हमले का 34वां दिन

यूक्रेन पर हमले का 34वां दिन

रूस और यूक्रेन के बीच जंग 34वें दिन भी जारी है। दूसरी तरफ युद्ध के डिप्लोमैटिक हल के लिए तुर्की में चल रही रूस-यूक्रेन डेलिगेशन की मीटिंग खत्म हो गई है। रूसी डेलिगेशन ने इस मीटिंग को सकारात्मक बताया है। हालांकि, अभी भी दोनों पक्षों में सीजफायर पर सहमत नहीं बन पाई है।

मीटिंग के बाद रूसी डेलिगेशन के एक मेंबर ने दावा किया कि जल्द ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुर्की में मुलाकात हो सकती है।दूसरी तरफ रूस के अरबपति और चेल्सी फुटबाल क्लब के मालिक रोमन अब्रामोविच यूक्रेन के राष्ट्रपति का खत लेकर व्लादिमिर पुतिन के पास पहुंचे थे। इस खत में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने उन शर्तों के बारे में बताया था, जिससे युद्ध रोका जा सकता है। इस पर भड़कते हुए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, ‘मैं यूक्रेन को बर्बाद कर दूंगा।’ब्रिटेन की तरफ से रूस को एक ऑफर दिया गया है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा कि अगर रूस जंग को खत्म करता है और यूक्रेन से अपनी सेना को वापस बुलाता है तो ब्रिटेन रूस और उसकी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटा देगा।

यूक्रेन फोर्सेज की एक स्पेशल यूनिट ने दावा किया कि उसने कीव की तरफ जा रही रूसी सेना के एक 64 किलोमीटर के काफिले को तबाह कर दिया है। द गार्जियन की खबर के मुताबिक यूक्रेन के 30 सैनिकों की एक विशेष यूनिट ने ड्रोन की मदद से रूसी सैनिकों के एक लंबे काफिले पर एक के बाद एक कई हमले किए।​​​​​​G7 ने रूसी गैस के लिए रूबल भुगतान की पुतिन की मांग को खारिज कर दिया है। जर्मनी के ऊर्जा मंत्री रॉबर्ट हेबेक ने कहा- G7 के सभी ऊर्जा मंत्री इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि रूस से ऊर्जा संसाधन के आयात के लिए रूबल में भुगतान करना मौजूदा अनुबंधों का एकतरफा और स्पष्ट उल्लंघन होगा।

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