शनिवार को शक्ति की भक्ति के साथ ही हिंदू नववर्ष पर बिलासपुर राममय हो गया। पूरा शहर भगवा रंग से छा गया। पुलिस ग्राउंड से निकली शोभायात्रा में भगवाधारी महिलाएं रामधुन पर थिरकती रहीं। वहीं युवक जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। शहर के हर गली-और चौक चौराहों पर केसरिया झंडे, तोरण से मााहौल भक्तिमय हो गया। आकर्षक झांकियों में राम भक्त हनुमान भी इस नजारे को देखकर श्रीराम की भक्ति में झूमते नजर आए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ और शहरवासी उमंग और उत्साह में सराबोर दिखे। कोरोना काल में दो साल मायूसी के बाद बिलासपुर में पहली बार हिंदू नव वर्ष में ऐसा भव्य नजारा दिखाई दिया।हिंदू नववर्ष को पर्व के रूप में मनाने के लिए हिंदूवादी संगठनों के साथ ही शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन बीते एक पखवाड़े से तैयारी में जुटे हुए थे। एक दिन पहले शुक्रवार की शाम चेट्रीचंट पर शोभायात्रा निकालकर झूलेलाल की जयंती मनाई। इस पर्व के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार भगवा झंडे लगाए गए। शनिवार सुबह से ही गली-मोहल्लों में डीजे में रामधुन और देवी जसगीत सुनाई दे रहे थे। हिंदू नववर्ष का माहौल पिछले एक सप्ताह से दिख रहा था। शहर के हर गली-मोहल्लों में बैनर, पोस्टर, तोरण और भगवा झंडे लहरा रहे थे। रात में भी हिंदु संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने घूम-घूम कर चौक चौराहों को भगवा रंग से सजा दिया था।
शनिवार को सुबह से ही शहर भगवामय नजर आ रहा था। लोगों की नींद खुली और घर के बाहर देखा तब उनकी गली-मोहल्लों में भगवा ध्वज लहराते नजर आया। दोपहर चिलचिलाती धूप में दो बजे से ही शहर के लोग बाजे-गाजे के साथ हाथ में भगवा ध्वज लहराते जय श्रीराम के नारे लगाते पुलिस ग्राउंड के लिए निकल पड़े।