रूस यूक्रेन जंग का आज 42वां दिन है। इसी बीच यूक्रेन के बूचा शहर में हुए कथित नरसंहार पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि खून बहाकर और मासूमों को मारकर किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता। रूस और यूक्रेन को बातचीत के जरिए इस समस्या को हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा- अगर भारत इसमें मध्यस्थता करता है तो खुशी होगी।
इधर, रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में एक कार रूसी दूतावास के गेट से टकरा गई। हादसे में कार में आग लग गई और ड्राइवर की मौत हो गई। बुखारेस्ट पुलिस का कहना है कि कार बुधवार सुबह करीब 6 बजे एम्बेसी के गेट से टकराई, लेकिन कंपाउंड में घुस नहीं पाई।
मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि ये महज हादसा था या कार को जानबूझकर दूतावास से टकराया गया, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।दूसरी तरफ, यूरोपियन यूनियन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को घेरने के लिए अब उनकी बेटियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन की एक बेटी नीदरलैंड में रहती थी, हालांकि रूस ने कभी उसकी पहचान को उजागर नहीं होने दिया।बिजनेस वेबसाइट ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और G-7 मिलकर रूस में होने वाले सभी नए इन्वेस्टमेंट पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, ब्रिटिश विदेश सचिव लिज ट्रस का कहना है कि ब्रिटेन तब तक नहीं रुकेगा, जब पुतिन नाकाम नहीं हो जाते।डेनमार्क ने 15 रूसी इंटेलिजेंस ऑफिसर को अपने यहां से निकाल दिया है। इन्हें 14 दिन के अंदर डेनमार्क छोड़ना होगा। डेनिश विदेश मंत्री विदेश मंत्री जेप्पे कोफोड का कहना है कि ये इंटेलिजेंस ऑफिसर्स हमारे देश में जासूसी में शामिल हैं। इससे पहले जर्मनी और फ्रांस ने रूस के डिप्लोमैट्स को निकाल दिया था।