आईटी की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने बुधवार को चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे घोषित किए। इस तिमाही में इंफोसिस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना (YoY) आधार पर 12% बढ़कर 5,686 करोड़ रुपए हो गया। एक साल पहले की इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5,076 करोड़ रुपए था। इससे पहले की तिमाही यानी Q3 FY22 में नेट प्रॉफिट 5,809 करोड़ रहा था। इंफोसिस ने एक दशक में सबसे बड़ी एनुअल ग्रोथ दर्ज की है, बाजार अनुमान से नतीजे कमजोर रहे हैं।
मार्च तिमाही में इंफोसिस का एट्रिशन रेट बढ़कर 27.7% हो गया, जो दिसंबर तिमाही में 25.5% था। इंफोसिस ने पिछले वित्त वर्ष में 85,000 फ्रेशर्स को काम पर रखा और चालू वित्त वर्ष में 50,000 फ्रेशर्स की नियुक्ति की योजना है। एट्रिशन रेट एक मीट्रिक है जिसका इस्तेमाल कर्मचारियों की कंपनी छोड़ने की गणना करने के लिए किया जाता है। HR एट्रिशन रेट का इस्तेमाल रिक्त पदों की संख्या की गणना कर नई नियुक्ति के लिए करता है।
कंपनी ने 16 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है। पहले से भुगतान किए गए 15 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड के साथ, FY22 के लिए प्रति शेयर कुल डिविडेंड 31 रुपए हो जाएगा। ये FY21 की तुलना में 14.8% की बढ़ोतरी है। इंफोसिस के नतीजे बाजार बंद होने के बाद घोषित किए गए है। नतीजों से पहले इसका शेयर 0.49% की बढ़त के साथ 1751 रुपए पर बंद हुआ।Q4 FY22 कंपनी के रेवेन्यू 22.7% बढ़कर 32,276 करोड़ रुपए हो गए। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में ये 26,311 करोड़ रुपए था। इंफोसिस का ऑपरेटिंग मार्जिन 21.5% रहा, जो दिसंबर तिमाही में 23.5% और एक साल पहले की तिमाही में 24.5% था।