रूस-यूक्रेन जंग

रूस-यूक्रेन जंग

रूस-यूक्रेन जंग को 50 दिन से ज्यादा हो गए हैं। जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। ऐसे में परमाणु हमले का खतरा भा बढ़ता जा रहा है। ताजा अपडेट के मुताबिक, रूस-यूक्रेन बॉर्डर के पास रूस के TU-160 बॉम्बर देखे गए हैं। इन जेट्स का इस्तेमाल परमाणु बम ले जाने के लिए किया जाता है। इधर, रूस ने डोनेस्ट्क में पिछले 24 घंटे में 9 बार हमले किए। इन हमलों में 2 लोगों की मौत हो गई है।वहीं, लवीव शहर में रूस ने 5 शक्तिशाली और घातक मिसाइलें दागी हैं। इसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 8 लोग घायल हुए हैं। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस पूर्वी डोनबास इलाके को पूरी तरह से तबाह करना चाहता है।
रूसी हमले के लगभग डेढ़ महीने के बाद यूक्रेन के शहरों में हालात बदलने लगे हैं। यूक्रेनी देश लौट रहे हैं। UN ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स के मुताबिक, रोज 30 हजार से ज्यादा लोग यूक्रेन लौट रहे हैं। ये शरणार्थी अब तक पश्चिम यूक्रेन और पड़ोसी देशों में रह रहे थे। यूक्रेन की वयस्क पुरुषों के देश छोड़ने पर रोक के कारण लौटने वालों में अधिकतर महिला और बच्चे हैं। हालांकि, रूसी सेना अभी मुख्य रूप से राजधानी कीव और आसपास के कस्बों से लौट रही है। इसलिए सबसे ज्यादा यूक्रेनी अभी कीव ही लौट रहे हैं।

मारियुपोल के मेयर के एक सलाहकार का कहना है कि रूसी सैनिक शहर में रहने वालों को मूवमेंट पास जारी कर रहे हैं। पेट्रो एंड्रीशचेंको ने रविवार को टेलीग्राम से आरोप लगाया। उन्होंने लिखा है कि नागरिकों को पास पाने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है, जिसके बिना अगले सप्ताह न केवल शहर के जिलों के बीच जाना असंभव होगा, बल्कि सड़कों पर जाना भी असंभव होगा।यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि, रूस डोनबास रीजन का खत्म करना चाहता है। इसके साथ ही रूसी सेना जिस तरह से मारियुपोल को तबाह कर रही है, वो डोनेट्स्क और लुहान्स्क से भी दूसरे समुदायों का सफाया करना चाहते हैं।रूस ने रविवार को यूक्रेनी सैनिकों को मारियुपोल में हथियार डालने का अल्टीमेटम दिया। यूक्रेनी सेना ने सरेंडर करने से इनकार किया है। यूक्रेन के सैनिक आजोव सागर के किनारे पर एक बड़े स्टील प्लांट में छिपे हैं।आजोव रेजिमेंट यूक्रेनी राष्ट्रवादी लड़ाकों की सेना है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन हमले के वक्त आजोव रेजिमेंट को ही नाजी करार दिया था। इस रेजिमेंट का कमांडर आंद्रेई बाइलेटस्की अभी लापता है। बाइलेटस्की एसएनए पार्टी को चलाता है। यूक्रेनी सरकार आजोव रेजिमेंट को फंड देती है।

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