मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तय कार्यक्रम के तहत वे दोपहर 12.30 बजे रायपुर से दुर्ग पहुंचे। इसके बाद जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र पहुंच गए। यहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वहां बने नवीन कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने एक-एक कर कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया। शाम को टेनिस कोर्ट का उद्घाटन करने के बाद सीएम रायपुर के लिए रवाना हो गए। कल फिर सीएम दुर्ग जिला के धमधा और भिलाई तीन दौरे पर रहेंगे।उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रयास आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षक के रूप में लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की कक्षा में पंडित नेहरू का दृष्टांत बताते हुए बच्चों को बताया कि किस तरह से लोकतांत्रिक भारत और गुलाम भारत में शासन व्यवस्था का फर्क था। उन्होंने बताया कि आजादी मिलने के बाद एक बार एक वृद्धा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का कॉलर पकड़ लिया था। उसने नेहरू जी से पूछा कि जवाहर बताओ, मुझे आजादी से क्या मिला? पंडित नेहरू ने उस महिला को उत्तर दिया कि आपको यह अधिकार मिला कि आप अपने प्रधानमंत्री से भी सवाल पूछ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि गुलाम भारत में नीतियां जनता के अनुकूल नहीं बनती थीं । उन्होंने बताया कि भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रकृति का मलमल तैयार होता था। यह मलमल इतना महीन होता था कि अंगूठी में भी समा जाता था और इसी महीन मलमल के देश को पूरी तरह से मैनचेस्टर की मिलों पर अंग्रेजों ने निर्भर कर दिया।
इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गंजमंडी स्थित आमसभा को संबोधित करने पहुंचे। यहां उन्होंने एक साथ कई सौ करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जिले को हॉकी स्ट्रोटर्फ देने की भी घोषणा की। हॉकी प्रेमियों की इस मांग को दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने भी सीएम के सामने रखी थी। इसके साथ ही सीएम ने नगर निगम दुर्ग को भी विकास कार्य के लिए बजट देने की घोषणा की। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नए बने टेनिस कोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने टेनिस का रैकेट थामकर उसका उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टेनिस खिलाड़ियों से भी चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला उद्योग एंव व्यापार कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि स्थानीय लोगों का स्किल डेवलपमेंट करें, उनके लिए रोजगार की संभावना होगी तो वे उद्योगों को स्वीकार करेंगे। सीएम ने उन्हें बताया कि दुर्ग जिला औद्योगिक जिला है लेकिन देश मे ओद्योगिक केंद्र की पहचान भिलाई से है। बीएसपी की स्थापना के बाद यहां उद्योगों की शुरुआत हुई। दुर्ग के निर्माण में यहां के उद्योगों की बड़ी भूमिका है। बीच के दौर में निजीकरण का दौर चला और श्रमिकों की मांग घटी। तकनीक का असर पड़ा है। बीएसपी प्रदेश के उद्योगों के लिए रीढ़ की तरह है।
सब्जी और फल का भी दुर्ग जिला हब रहा है। यहां के किसान ऐसे क्रॉप भी उगा रहे हैं जिनकी मांग विदेशों में भी है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे लगातार मैं उद्योग संगठनों से मिलता रहा, उनकी समस्याएं जानी और इसका निराकरण भी किया। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई चर्चा के बार में भी बात की।
उन्होंने कहा कि हमने उन्हें बताया है कि धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति मिलने पर इस उद्योग के लिए बड़ा काम हो सकता है। किसान उन्मुख नीतियों का लाभ बाजार को मिला है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे लाभान्वित हुई है। कोर सेक्टर और इससे बाहर हम सबको अवसर देंगे। हमारे उद्योगपति ही हमारे उद्योग के ब्रांड एंबेसडर हैं।