देश में गर्मी के चलते बिजली की डिमांड बढ़ गई है, इसका असर कोयला आपूर्ति पर पड़ा है। सरकार ने यात्री ट्रेनें रद्द कर मालगाड़ियों के फेरे बढ़ा दिए हैं। यही नहीं, अब इन मालगाड़ियों के लोको पायलट पर भी ज्यादा काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी के चलते बिलासपुर में एक लोको पायलट ने मालगाड़ी को बीच रास्ते में ही खड़ा कर दिया और लाॅन्ग ऑवर ड्यूटी करने से इनकार कर दिया। इसके चलते दो लोको पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लोको पायलटों पर काम का दबाव बढ़ गया है। कोयला लदान के दबाव में उन्हें लाॅन्ग ऑवर ड्यूटी कराई जा रही है।
इधर निलंबन के विरोध में कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने हंगामा मचाते हुए DRM से शिकायत कर दी। DRM ने दोनों पायलटों को बहाल करने का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ। छत्तीसगढ़ में मालगाड़ियों के रैक में कमी के साथ लोको पायलटों का 30 फीसदी पद रिक्त हैं। रेलवे का ध्यान अभी सिर्फ कोयला सप्लाई पर है। यही वजह है कि रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 50 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जिसका चौतरफा विरोध चल रहा है। इधर, कोयला लदान के चलते रेलवे के लोको पायलटों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को 12 से 14 घंटे काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर उन्हें नोटिस जारी कर निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे ही रविवार को लोको पायलट रामेश्वर सिंह और सहायक लोको पायलट एसी प्रकाश एक मालगाड़ी को रायगढ़ से लेकर बिलासपुर जाने निकले थे। करीब साढे 11 घंटे ड्यूटी करने के बाद नैला पहुंचने पर उन्होंने ड्यूटी समाप्त होने की जानकारी दी। तब उन्हें उच्चाधिकारियों ने मालगाड़ी को बिलासपुर लाने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने मना कर दिया और जांजगीर स्टेशन में ही मालगाड़ी को खड़ा कर दिया। इसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है।बताया जा रहा है कि रविवार को लोको पायलट कमलेश्वर के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। दरअसल, कमलेश्वर सिंह का खोंगसरा ट्रांसफर किया गया है। रविवार को वे मालगाड़ी लेकर टेंगनामाड़ा पहुंचे। इसके बाद उन्हें फिर से मालगाड़ी लेकर शहडोल जाने का फरमान जारी कर दिया गया। उन्होंने अपनी ड्यूटी समाप्त होने की बात कही, तब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।