लोक निर्माण और गृह विभाग के मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इसके लिए प्रदेश भर से सभी सेक्सन के इंजीनियरों को रायपुर बुलाया गया था। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने साफ शब्दों में कहा, बरसात से पहले उन्हें सड़क में गड्ढा नहीं दिखना चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, जब वे सांसद थे तो अखबारों में सड़के गड्ढों की तस्वीर छपती थी। लिखा जाता था, इसे सड़क कहें कि तालाब। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद ऐसा छपा हुआ नहीं दिख रहा है। सड़कों पर काम हुआ है। फिर भी कई जगह सड़क टूटने की खबरें आ रही हैं। ऐसी सड़कों में गड्ढे भरे जाने चाहिए ताकि बरसात का पानी उसमें जमा होकर नुकसान न करे।
उन्होंने कहा, अभी बरसात में एक महीने का वक्त है। तब तक यह काम पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने सड़क विकास निगम के अफसरों से कहा, सरकार लोन लेकर सड़क बनवा रही है। ऐसे में जरूरी है कि यह काम तय समय के भीतर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना पर भी जोर दिया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा, जिस काम का रिजल्ट अच्छा नहीं आता, जनता उसे पसंद नहीं करती। ऐसे में कार्य संस्कृति में बदलाव भी जरूरी है। समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव सिद्धार्थ काेमल परदेशी ने भी इंजीनियरों के सामने सरकार का लक्ष्य रखा।संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा, सड़कें ही विकास की पहली तस्वीर दिखाती हैं। कोई व्यक्ति अगर सड़क मार्ग से पड़ोसी राज्य होकर यहां पहुंचता है तो सड़कों की अच्छी या बुरी स्थिति देखकर ही वह सरकार के बारे में अपनी राय बनाता है। ऐसे में जरूरी है कि सड़कों को बेहतर बनाया जाए। उसका रखरखाव अच्छा हो। क्योंकि लोक निर्माण विभाग के काम के जरिए ही सरकार की छवि बनती है।
बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, यहां सचिव और मुख्य अभियंता आदि से चर्चा होती रहती है। नीचे फील्ड में काम करने वाले इंजीनियरों और अफसरों से बात नहीं हो पाती है। इसकी कोशिश थी। जिलाें का दौरा किया था तब बातचीत हो पाती थी। कोरोना की वजह से यह ठप्प पड़ गया था। वर्चुअल बैठकें होती रहीं। आज इस बात पर चर्चा हुई कि काम को और बेहतर तरीके से कैसे किया जा सकता है। उन्होंने कार्य संस्कृति में बदलाव की भी बात की है।