पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के CM भगवंत मान किसानों पर भड़क उठे हैं। उन्होंने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को अनचाहा और अनावश्यक करार दे दिया। मान ने कहा कि किसानों को नारे मारने के बजाय पानी बचाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात का मतलब मुर्दाबाद नहीं होता। मान ने कहा कि कम से कम मुझे एक साल का वक्त तो दो। CM की यह तल्खी ऐसे वक्त पर आई है, जब किसान चंडीगढ़ बॉर्डर को सिंघु बॉर्डर बना चुके हैं। आज उन्होंने चंडीगढ़ में घुसने का ऐलान किया है।सीएम भगवंत मान ने कहा कि धान की रोपाई के लिए जोनवाइज कार्यक्रम से किसानों के हितों को नुकसान नहीं होगा। इससे राज्य में भूमिगत पानी को बचाने में मदद मिलेगी। मान ने कहा,’मैं गुरू साहिबानों के बताए रास्ते पर चल रहा हूं और उससे मुझे कोई नहीं रोक सकता। किसानों के साथ बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं। मेरे खिलाफ नारेबाजी पानी के स्तर को और नीचे जाने से रोकने के मेरे दृढ़ इरादे को नहीं तोड़ सकती।’
भगवंत मान ने कहा, ‘मैं भी किसान का बेटा हूं। मुझे अच्छी तरह से पता है कि किसानों को कौन सी जरूरत है। मैं 10 जून और 18 जून के बीच का फर्क अच्छी तरह से जानता हूं। पानी और हवा बचाने में मेरा कोई निजी हित नहीं बल्कि कुदरत के स्रोतों को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। किसानों को धरने-प्रदर्शन के बजाय पंजाब और पंजाबियों की बेहतरी के लिए मेरा साथ देना चाहिए।’