जम्मू-कश्मीर टनल हादसे में शनिवार को एक और मजदूर का शव मिला। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या दो हो गई है। मलबे में अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं। इससे पहले गुरुवार रात 11 बजे रामबन जिले के खूनी नाले के पास बन रही टनल का एक हिस्सा धंस गया था। मलबे में 12 मजदूर फंस गए थे। हालांकि उस दौरान दो घायलों को निकाल लिया गया था।
इसके बाद शुक्रवार शाम को रेस्क्यू के दौरान 1 मजदूर का शव निकाला गया था। 20 मई को ही शाम करीब साढ़े 5 बजे रेस्क्यू के दौरान तेज आंधी के दौरान एक बार फिर से लैंड स्लाइड हुआ और निर्माणाधीन टनल का हिस्सा 24 घंटे में दूसरी बार धंस गया। हालांकि इस बार कोई मजदूर या कर्मचारी तो नहीं फंसा लेकिन रेस्क्यू में लगीं मशीनें दब गईं।
शनिवार यानी आज सुबह करीब साढ़े 5 बजे दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब 6 घंटे बाद दूसरे मजदूर का शव मिला। फिलहाल मलबे में पिछले तीन दिन से दबे 8 और मजदूरों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे को जल्द से जल्द हटाने के लिए मशीनरी और तकनीकी कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।रामबन जिले और रामसू के बीच नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात निर्माणाधीन टनल का हिस्सा ढह गया। हादसे में 12 मजदूर मलबे में फंस गए। इनमें से 2 को बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक की मौत हो गई। शुक्रवार रात को रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच टनल के बाहर फिर से लैंडस्लाइड हो गया।रामबन के डिप्टी कमिश्नर मसर्रतुल इस्लाम के मुताबिक, फिर से हुए लैंडस्लाइड और तेज आंधी की वजह से बचाव कार्य में बाधा आई है। भूस्खलन के कारण गिरी पहाड़ी के मलबे में दो मशीनें दब गई हैं। इससे बचाव कार्य और बाधित हुआ है।
टनल धंसने का हादसा गुरुवार रात करीब 11 बजे रामबन जिले के मेकरकोट इलाके में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के पास खूनी नाले पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, टनल के ढहने के तुरंत बाद पुलिस और सेना ने एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू कर दिया था। इस हादसे में सुरंग के सामने खड़े वाहनों बुलडोजर, ट्रकों सहित कई मशीनों को भी नुकसान पहुंचा है।