डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने जेट एयरवेज को एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) दे दिया है। एयरलाइन अब आधिकारिक तौर पर उड़ान भर सकेगी। इससे पहले 8 मई को मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने गृह मंत्रालय की मंजूरी पर जेट 2.0 को सिक्योरिटी क्लीयरेंस दिया था। जेट एयरवेज के AOP को फ्लाइट बंद होने के महीनों बाद निष्क्रिय कर दिया गया था।
पिछले महीने, एयरलाइन ने विस्तारा के पूर्व चीफ स्ट्रैटजिस्ट और कॉमर्शियल ऑफिसर संजीव कपूर को अपना CEO भी बनाया था। संजीव कपूर ने जेट के AOC के रिवैलिडेट होने के बाद कहा ‘री-स्टार्ट टीम में शामिल हम सभी नई जेट एयरवेज को डिजिटल युग के लिए एक मॉडर्न, बेहतर और लोगों पर केंद्रित एयरलाइन बनाने के लिए कमिटेड हैं। बार को और भी ऊंचा सेट करेंगे। इसके लिए जेट एयरवेज को जिन अच्छी बातों के लिए 25 सालों से जाना जाता था उसे और नए आइडियाज को साथ जोड़ेंगे।’
कर्ज में दबे होने के कारण जेट एयरवेज 17 अप्रैल 2019 में ग्राउंडेड हो गई थी। इससे पहले एयरलाइन को साउथ एशियन नेशन की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन का दर्जा हासिल था। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के बैंकरप्सी रिजॉल्यूशन प्रोसेस में जेट एयरवेज के विनिंग बिडर्स कालरॉक कैपिटल और मुरारी लाल जालान की कंसोर्टियम थी।
जालान एक दुबई बेस्ड इंडियन ओरिजिन बिजनेसमैन हैं। वहीं कालरॉक कैपिटल मैनेजमेंट लिमिटेड फाइनेंशियल एडवाइजरी और अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करने वाली लंदन बेस्ड ग्लोबल फर्म है। इसके फाउंडर फ्लोरियन फ्रेच है।1990 के दशक की शुरुआत में टिकटिंग एजेंट से एंटरप्रेन्योर बने नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की शुरुआत कर लोगों को एयर इंडिया का अल्टरनेटिव दिया था। एक वक्त में जेट के पास कुल 120 प्लेन थे। ‘दि ज्वॉय ऑफ फ्लाइंग’ टैग लाइन के साथ ऑपरेशन करने वाली कंपनी जब पीक पर थी तो हर रोज 650 फ्लाइट्स का ऑपरेशन करती थी। जब कंपनी बंद हुई तो उसके पास केवल 16 प्लेन रह गए थे। मार्च 2019 तक कंपनी का घाटा 5,535.75 करोड़ रुपए का हो चुका था।