महाराष्ट्र में दो दिनों बाद मानसूनी बारिश:15 जून के बाद UP-MP और दिल्ली पहुंचेगा

महाराष्ट्र में दो दिनों बाद मानसूनी बारिश:15 जून के बाद UP-MP और दिल्ली पहुंचेगा

दो दिनों में मानसून महाराष्ट्र पहुंचने वाला है। यहां सामान्य बारिश के आसार जताए गए हैं, लेकिन अरुणाचल, असम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अभी से इन तीन राज्यों में भारी बारिश के संकेत दिखने लगे हैं। आने वाले 5 दिन मुश्किल भरे रहेंगे।

विभाग के मुताबिक, मानसून आने में देरी नहीं है। अच्छे मानसून के संकेत मिलने लगे हैं। इसका अनुमान तेज हवाओं और बादलों से लगाया जा सकता है। सिर्फ महाराष्ट्र में ही नहीं, बल्कि आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी मानसून का असर देखने को मिलेगा। यहां भी दो दिनों में बारिश की पूरी संभावना है।जून और सितंबर के बीच सामान्य बारिश के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि यह लगातार सातवां ऐसा साल होगा, जब जून और सितंबर के बीच सामान्य बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम-उत्तर और मध्य भारत में 15 जून के बाद बारिश हो सकती है। फिलहाल लोगों को लू से राहत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 7 राज्य अभी गर्म हवाओं की चपेट में ही रहेंगे। बीते 3 दिनों में यहां पारा 44 डिग्री के ऊपर रहा है। एक हफ्ते में गर्म हवाएं और तेज हो सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अगले एक हफ्ते तक कमजोर रहेगा। तब तक तापमान बढ़ने के आसार बने रहेंगे। अभी मानसून दक्षिण-पश्चिम तमिलनाडु, पुडुचेरी और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्सों में आगे बढ़ा है।

भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे 7 राज्यों की बात करें तो दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में पारा सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह 44 से 46 डिग्री के बीच रहा। यह बीते हफ्ते की रिपोर्ट है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो-तीन दिनों तक पश्चिम-उत्तर और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की गुजाइंश नहीं है, उसके बाद पारा दो से तीन डिग्री नीचे आ सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्यप्रदेश में लू का अहसास कुछ ज्यादा ही रहेगा। अरब सागर से दक्षिण प्रायद्वीप भारत की ओर पछुआ हवा चल रही है। इस वजह से अगले 5 दिनों में कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में अगले पांच दिनों तक बारिश होने पूरे आसार हैं।पश्चिमी विक्षोभ का संबंध उत्तरी भारत में बारिश लाने से है। यह पाकिस्तान, राजस्थान से सटे इलाकों और उत्तर भारत में बारिश और नमी लेकर आता है। इसकी वजह से सर्दी और मानसून से पहले बारिश होती है। भीषण गर्मी और मानसून के समय पश्चिमी विक्षोभ मौसम बदलने में मदद करता है।

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