महाराष्ट्र में गठबंधन वाली ठाकरे सरकार को बड़ा झटका लगा है। स्पेशल PMLA कोर्ट ने नवाब मलिक और अनिल देशमुख की जमानत खारिज कर दी, जिसके कारण ये दोनों कल होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं कर सकेंगे। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले आया यह फैसला इसलिए मायने रखता है, क्योंकि हर वोट की गिनती होगी और इन दो मंत्रियों के न होने से फैसले पर बड़ा असर पड़ सकता है।
महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं। दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सदस्य हैं, जो कांग्रेस के साथ शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा हैं।
इन दोनों ने शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए एक दिन की जमानत की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने ED की इस बात से सहमति जताई कि कैदियों के पास मतदान का अधिकार नहीं है।24 साल से अधिक समय में ऐसा पहली बार होगा, जब राज्य में राज्यसभा के लिए चुनाव होगा। इससे पहले ऐसा चुनाव 1998 में हुआ था, जहां पार्टी के पक्ष में पर्याप्त संख्या होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार राम प्रधान हार गए थे। 1998 में, गुप्त मतदान प्रणाली के अनुसार चुनाव हुआ था, जबकि इस बार मतदाताओं (विधायकों) को अपना मत मतपेटी में डालने से पहले पार्टी सचेतक को दिखाना होगा।महाराष्ट्र में छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। पिछले 20 साल में यह पहला मौका है जब राज्य में सात उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। वहीं विपक्षी दल भाजपा के लिए खुशखबरी यह है कि BJP नेता देवेंद्र फडणवीस की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी वे कल वोटिंग कर सकते हैं।शिवसेना ने दो उम्मीदवार संजय राउत और संजय पवार को मैदान में उतारा है। विपक्षी भाजपा ने तीन उम्मीदवारों को उतारा है- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंडे और धनंजय महाडिक। सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी NCP और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार प्रफुल्ल पटेल और इमरान प्रतापगढ़ी को नॉमिनेट किया है।