रूस-यूक्रेन जंग:यूक्रेन के पास लड़ने के लिए नहीं बचे हथियार

रूस-यूक्रेन जंग:यूक्रेन के पास लड़ने के लिए नहीं बचे हथियार

24 फरवरी को शुरू हुई रूस-यूक्रेन के बीच जंग जारी है। रूसी सैनिक लगातार यूक्रेनी शहरों में मिसाइलें दाग रहे हैं। जंग के तीन महीने होने के बाद अब यूक्रेन के पास हथियारों की कमी होने लगी है। मायकोलाइव के गवर्नर ने कहा- यूक्रेनी सेना के पास गोला-बारूद नहीं बचा है।

इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि जेलेंस्की यूक्रेन पर रूसी हमले की अमेरिकी चेतावनी को सुनना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा- हमने रूसी हमले को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस पर ध्यान नहीं दिया।पश्चिमी देश और यूरोपीय संघ (EU) जंग खत्म करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसी बीच EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दूसरी बार कीव पहुंची हैं। इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की उनसे यूरोपीय संघ की सदस्यता को लेकर चर्चा करेंगे। जंग के बाद से यूक्रेन की सरकार यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए काफी जोर दी रही है।

दक्षिणी यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले शहर खेरसॉन में अधिकारियों ने पहली बार 23 स्थानीय निवासियों को रूसी पासपोर्ट दिए हैं। यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र के कई लाख निवासियों को पहले ही रूसी पासपोर्ट मिल चुके हैं। मई में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने खेरसॉन में रहने वाले लोगों के लिए रूसी पासपोर्ट लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने वाले एक आदेश पर साइन किया था।WHO का कहना है कि यूक्रेन के बंदरगाह शहर मारियूपोल में हैजा बीमारी फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। रूस के हमले के बाद ये शहर खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां सड़कों पर लाशें सड़ रही हैं। बड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है।

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