छत्तीसगढ़ में स्थानीय मौसमी तंत्र की वजह से बस्तर से सरगुजा तक बड़े क्षेत्र में बरसात हुई है। सबसे अधिक 32.2 मिलीमीटर बरसात तो जगदलपुर में दर्ज की गई है। यह इस सीजन की सबसे भारी बरसात है। उसके अलावा रायपुर के तिल्दा, बिलासपुर, अंबिकापुर, बलरामपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, महासमुंद, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग और बालोद जिलों में भी बरसात हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार घंटों यानी रात 10 बजे तक आकाशीय बिजली गिरने अथवा अंधड़ उठने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग की ओर से शाम 6.10 पर जारी चेतावनी के मुताबिक 22 से अधिक जिलों में आकाशीय बिजली गिरने अथवा अंधड़ उठने की संभावना बन रही है। इसमें कांकेर, धमतरी, कोण्डागांव, बालोद, गरियाबंद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, कवर्धा, मुंगेली, बिलासपुर, कोरिया, रायगढ़, कोरबा, पेण्ड्रा रोड, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा और उससे लगे जिले शामिल हैं।रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया था, एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक स्थित है। एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इस स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज – चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना बन रही है। इस दौरान बादलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा अंधड़ चलने की भी संभावना जताई गई थी।
मौसम विभाग के मुताबिक अभी एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से असम तक स्थित है। एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका दक्षिण बिहार से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक स्थित है। इसके प्रभाव से 16 जून को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और अंधड़ भी चलने की संभावना है। बताया जा रहा है, वर्षा का सिलसिला अब लगातार बने रहने की संभावना है।