सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी सेल की टीम पहली बार छत्तीसगढ़ में सड़कों का जायजा ले रही है। शनिवार को टीम बिलासपुर पहुंची और सड़कों का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने देखा कि प्रदेश में नेशनल हाइवे निर्माण में नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे हादसा होने की आशंका है। टीम ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में इस आब्जर्वेशन और हादसा रोकने के उपायों की रिपोर्ट तैयार करेंगे।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क सुरक्षा समिति बनाई गई है। यह समिति जिला, राज्य और सेंट्रल लेवल पर बनी है। सेंट्रल लेवल की टीम इन दिनों छत्तीसगढ़ की सड़कों की स्थिति का जायजा ले रही हैं। रायपुर, दुर्ग में टीम का निरीक्षण पूरा हो गया है। शनिवार को टीम में शामिल अफसर बिलासपुर पहुंचे और सड़कों का हाल देखा।
निरीक्षण के पहले रोड सेफ्टी सेल के अफसरों ने ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, नगर निगम, NHI, NH, PWD और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग की। बताया गया कि इस दौरान टीम ने नगर निगम सीमा में बने स्मार्ट सिटी सड़क, चौक-चौराहों पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल वगैरह की समीक्षा की। इसके साथ ही अफसरों से सड़क हादसे रोकने बनाए गए ब्लैक स्पाट, व अन्य उपाय के साथ ही सड़कों की तकनीकी जानकारी ली।
अफसर बोले- ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर देंगे दिशा निर्देश
सड़क सुरक्षा समिति की ओर से समय-समय पर हादसे रोकने निर्देश दिए गए हैं, जिसका पालन हुआ है या नहीं, उसकी जानकारी ली जाएगी। निरीक्षण के दौरान खामियों को देखने और संबंधित विभागों से पक्ष लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी हम नेशनल हाइवे, राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग की सड़कों का जायजा लेंगे। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें संबंधित विभागों को खामियों को दूर कर दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में नेशनल हाइवे प्राधिकरण (NHI) की ओर से बनाई जा रही सड़क में तकनीकी खामियां है। इसके चलते सड़क हादसे बढ़ने की आशंका है। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे में सरगांव के बीच में एप्रोच रोड में फिलिंग नहीं की गई है। इसके चलते सड़क छह ईंच नीचे हो गई है। इसी तरह सेंदरी-रतनपुर बाइपास रोड और कोनी-सेंदरी एप्रोच रोड में ओवर ब्रिज नहीं है, जिसके कारण बिलासपुर से रतनपुर जाते समय नेशनल हाइवे मेन रोड से क्रास हो रहा है, जहां अंडर ब्रिज बनाने की आवश्यकता है। बिलासपुर से जांजगीर-चांपा नेशनल हाइवे में गांव की सड़कों को पार करने के लिए एक भी जगह अंडर ब्रिज नहीं बनाया गया है। ऐसे में हाइवे क्रास करते समय एक्सीडेंट होने की आशंका बढ़ गई है। अफसरों ने बताया कि इस तरह की खामियों को भी हम लोग देख रहे हैं। निरीक्षण के बाद संबंधित विभाग को तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे।